अब पंजाब ने भी की मांग, 12वीं बोर्ड की परीक्षा से पहले स्टूडेंट्स को लगे कोरोना की वैक्सीन

जालंधर(विशाल कोहली)
दिल्ली सरकार के बाद अब पंजाब के शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने 12 वीं बोर्ड की परीक्षा से पहले सभी छात्रों को टीका दिए जाने की मांग की है. सिंगला ने केंद्र से मांग की कि केंद्र सरकार यह सुनिश्चित करें कि 12वीं बोर्ड की परीक्षा देने आए सभी छात्रों को पहले कोरोना का टीका लगे. सिंगला ने कहा कि केंद्र सरकार को परीक्षा से पहले सभी राज्यों को वैक्सीन उपलब्ध करानी चाहिए. इससे पहले सभी राज्यों के साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के साथ बैठक हुई थी. बैठक में दो दिनों के अंदर परीक्षा पर सुझाव मांगे गए थे. इसी का जवाब पंजाब के मंत्री ने दिए. सिंगला ने बताया कि परीक्षा से छात्रों और शिक्षकों हेल्थ और सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है.
90 मिनट की परीक्षा का विकल्प
12वीं बोर्ड परीक्षाओं को लेकर देश के अधिकतर राज्यों ने शिक्षा मंत्रालय के दूसरे प्रस्ताव को चुना है. कई राज्यों ने दूसरे प्रस्ताव यानी 90 मिनट की परीक्षा के विकल्प को चुना है. दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब समेत दो से तीन अन्य राज्यों ने परीक्षा से पहले वैक्सीन लगाने की मांग रखी है. जबकि कुछ राज्य मेडिकल, इंजीनियरिंग और सामान्य डिग्री प्रोग्राम में आगे एडमिशन के कारण सिर्फ मुख्य विषयों की ही परीक्षा कराने का सुझाव दिया है. हालांकि राज्य परीक्षा से ही 12वीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट तैयार करना चाहते हैं. क्योंकि परीक्षा न लेने से ऐसे छात्रों को उच्च शिक्षा से लेकर नौकरी में दिक्कत आएगी.
आम सहमति की परीक्षा कराई जाए
शिक्षा मंत्रालय अैर राज्यों की 23 मई को आयोजित बैठक के आधार पर मंगलवार को राज्यों को अपने सुझाव देने थे. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 15 जुलाई से 26 अगस्त के बीच परीक्षाएं कराने और सितंबर में परिणाम घोषित करने का प्रस्ताव रखा है. बोर्ड ने दो विकल्प भी प्रस्तावित किये हैं. इनमें एक में 19 प्रमुख विषयों के लिए अधिसूचित केंद्रों पर नियमित परीक्षाएं कराना या छात्रों के अध्ययन वाले स्कूलों में ही अल्पावधि की परीक्षाएं कराने के विकल्प हैं. शिक्षा मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक, ‘हमें काफी राज्यों से सुझाव और प्रतिक्रियाएं मिली हैं. राज्यों के बीच यह व्यापक आम-सहमति है कि परीक्षाएं कराई जानी चाहिए. जैसा कि पहले केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि आपसी सहमति से लिये इस फैसले की घोषणा एक जून तक की जाएगी.