नाराज चल रहे कांग्रेस के सीनियर नेता जिम्मी शेखर कालिया को प्रदेश प्रभारी हरीश चाैधरी ने मनाया

जालंधर/विशाल कोहली
पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस हाई कमान संजीदा हो गई है। ऐसे में पार्टी के दिग्गज नेताओं ने अब पार्टी के सीनियर कार्यकर्ताओं की नाराजगी और मन मुटाव दूर करने की पहल की है।
इसी कड़ी में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चाैधरी ने गत विधान सभा चुनावों में जालंधर उत्तरी व सेंट्रल विधान सभा में कांग्रेस की जीत की पटकथा लिखने वाले कांग्रेस के सीनियर नेता जिम्मी शेखर कालिया व निवर्तमान कांग्रेस विधायक राजिंदर बेरी के बीच चार साल की दूरियों को मिटाने के लिए आज एक स्थानीय होटल में एक विशेष बैठक की। इस बैठक में उनके साथ जालंधर के सांसद संताेख चाैधरी, विधायक सुशील कुमार रिंकू, विधायक बावा हैनरी, विधायक राजिंदर बेरी, कैबिनेट मंत्री परगट सिंह एवं नकाेदर हल्का से उम्मीदवार डा. नवजाेत दहिया व जालंधर कांग्रेस शहरी के जिला प्रधान बलराज ठाकुर भी विशेष तौर से उपस्थित थे।
विधायक सुशील रिंकू की फ़ोन कॉल पर न्योता देने के बाद जिम्मी शेखर कालिया भी इस बैठक में पहुंचे। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चाैधरी ने बैठक में पहुंचने पर जिम्मी कालिया से कांग्रेस विधायक राजिंदर बेरी से उनकी नाराजगी की वजह जानी। जिम्मी ने कहा कि विधायक बेरी के गत विधानसभा चुनावों में उन्हाेंने व उनकी पूरी टीम ने बिना किसी स्वार्थ के पूरी मेहनत व लगन के साथ उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए दिन-रात काम किया। मगर चुनाव जीतने के बाद बेरी की तरफ से उन्हें पूरी तरह दरकिनार कर दिया जैसे उनका इस विधानसभा क्षेत्र में काेई अस्तित्व ही न हाे। जिम्मी ने कहा कि वह पाटी के वफादार हैं लेकिन विधायक ने अपने पूरे कार्यकाल में उनकी एक भी नहीं सुनी।
इस मोके जिम्मी कालिया ने जालंधर उत्तरी विधायक बावा हैनरी की पार्टी कार्यकर्ताओं विरोधी कार्यशैली को भी खुल कर पोल खोली। उन्होंने प्रभारी श्री चौधरी को जानकारी देते हुए बताया कि एक-दो मामलों में उनके कहने के बावजूद भी बावा हेनरी ने उनके समर्थकों का साथ ने देकर अपने चहेतों का साथ देते हुए एक मामूली झगड़े को राई का पहाड़ बना दिया जिस कारण उनके समर्थकों को बेवजह पुलिस व कानूनी कार्रवाई तक झेलनी पड़ी।
जिम्मी ने कांग्रेस छोड़ किसी ने पार्टी में शामिल होने की अटकलों पर विराम लगते हुए कहा कि इस सबके बावजूद भी उनका पार्टी छोड़ने का कोई भी विचार नहीं है क्योंकि वह साफ़ सुथरी राजनीति में विश्वास रखते हैं न कि दल बदल की राजनीति में। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस के वफादार सिपाही हैं और आगे भी सदैव रहेंगे। चुनावों में पार्टी की जीत को सुनिश्चित करने हेतु अपनी टीम के साथ कार्य करेंगे। मगर बेरी के साथ नाराज़गी और मन-मुटाव दूर करने संबंधी फिलहाल वह चुप्पी साध गए।


प्रदेश प्रभारी हरीश चाैधरी ने जिम्मी को आश्वासन दिया कि भविष्य में अगर ऐसा होता है तो वे उनसे सीधे संपर्क कर सकते हैं। इसके बाद तस्वीरों में कांग्रेस ने ‘आल इज वैल’ का संदेश देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। बता दें कि यदि जिम्मी कालिया पार्टी का साथ छोड़ जाते तो ये आगामी चुनावों से पहले पार्टी के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता था।