प्रभु की प्राप्ति के दो साधन धैर्य व प्रतीक्षा : श्री श्री 108 स्वामी सिकंदर जी महाराज

जालंधर(विनोद मरवाहा)
भगवान की प्राप्ति के दो साधन हैं, पहला धैर्य व दूसरा प्रतीक्षा। भगवान की कृपा केवल संतों के आशीर्वाद और उनके साथ से मिलती है।
यह आशीर्वचन अखिल भारतीय दुर्गा सेना संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री श्री 108 स्वामी सिकंदर जी महाराज ने संगठन की तरफ से प्राचीन शिव मंदिर, दोमोरिया पुल में आयोजित साप्ताहिक मां बगलामुखी हवन यज्ञ के दौरान उपस्थित मां भक्तों को संबोधित करते हुए कहे।
श्री स्वामी जी महाराज ने कहा कि संत सरल हृदय होते हैं, इसलिए मानव को संतों के बीच रहना चाहिए। उन्होने कहा कि जब मनुष्य सद्गुरु धारण करता है और उसके दर्शाए मार्गो पर चलता है तो वह अपनी मंजिल पा लेता है। उन्होंने कहा कि जीवन का उद्देश्य तो प्रभु की प्राप्ति है तथा बिना गुरु के मनुष्य ईश्वर से साक्षात्कार नहीं कर पाता।
श्री स्वामी जी ने कहा कि भगवान प्राप्ति के लिए हमें बुरी वासनाओं को छोड़ना होगा व भक्ति की कामना करनी होगी।
इससे पूर्व की सैकड़ों भक्तों ने हवन में आहूतियां डाल मां बगलामुखी व गुरु मां नीरज रतन सिकंदर जी का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर संगठन के पंजाब प्रधान विशाल शर्मा, जिला प्रधान वैभव शर्मा, गोपाल भंडारी व किरण भंडारी (लुधियाना), अरुण अरोड़ा, अश्वनी वर्मा, गुरबक्श मेहता, आर.के,मेहता, राजिंदर तनेजा, रोहित जैन, मोहित जैन, राकेश, सोनिया, राकेश महाजन, लीना महाजन, तान्या महाजन, चंद्रशेखर, रिपन शर्मा, कुमुद शर्मा, पवन बाहरी, तेजिंदर भाटिया, रूप लाल, शाम शर्मा, गोवेर्धन शर्मा, राजेश भारद्वाज, राजू भाटिया, अशोक चड्डा, अनुराग चोपड़ा, सुमन अग्निहोत्री, लता खुल्लर, मीनाक्षी अरोड़ा, तजिंदर कौर, अमरजीत कौर, शुकन्तला भसीन, सतपाल सेतिया, तरविंदर सिंह, उत्तम शर्मा, रघु महाजन, बलविंदर सिंह, आशु शर्मा, गगन अरोड़ा, सुरिंदर मेहता, राम शर्मा, संजीव मिंटू, सन्नी ग्रेवाल, सतीश कुमार, शिव भारद्वाज, संजीव शर्मा, रिंकू मल्होत्रा, अश्वनी भारद्वाज, गगन सचदेवा, सुभाष कोहली, संदीप नारंग, बब्बू शर्मा, वीणा नागपाल, सुनीता शर्मा आदि मौजूद थे।

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