भगवान का अवतार भक्तों के लिए हर समय है :स्वामी देवकीनंदन दास

जालंधर(योगेश कत्याल)
अपने भक्तों के लिए भगवान कभी भी और कहीं भी प्रकट हो सकते हैं, क्योंकि वह भक्तवत्सल कहलाते हैं, जो भक्त अपना सब कुछ न्योछावर करके उनके प्रेम के रंग में रंग जाता है, उन्हीं प्रेमी भक्तों के लिए भगवान आने में कोई देरी नहीं करते, भगवान का अवतार अपने भक्तों के लिए हर समय है।
यह सुंदर विचार ग्रीन एवेन्यू कॉलोनी, बस्ती पीर दाद के श्री गौरी शंकर मंदिर में पंडित श्री राजकुमार तिवारी जी की अध्यक्षता में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में स्वामी देवकीनंदन दास जी ने तीसरे दिन व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भगवान के अवतार के कई कारण हैं जैसे धर्म की संस्थापना करना, दुष्टों का विनाश करना, पृथ्वी पर बढे़ बोझ को कम करना ,परंतु मूल कारण अपने भक्तों के हृदय में जल रही विरहा की अग्नि को शांत करना होता है। उनके भक्त जब तक अपने प्रभु के दर्शन न कर लें, तब तक उनको चैन नहीं मिलता, जैसे एक पतिव्रता स्त्री को विदेश में गए अपने पति के आ जाने पर ही आनंद मिलता है। ऐसे ही जब तक भगवान स्वयं न आ जाएं , तब तक भक्तों को भी आनंद नहीं मिलता। धर्म की संस्थापना, दुष्टों का विनाश करने के लिए भगवान को स्वयं आने की जरूरत नहीं, वह तो किसी भक्त में अपनी शक्ति संचार करके यह सब करवा सकते है।

आज भागवत कथा में कुंती माता का सुंदर संग सुनाते हुए स्वामी जी ने सबको भाव विभोर कर दिया। कहा कि जब भगवान श्रीकृष्ण हस्तिनापुर से जाने लगे तो उन्होंने कुंती माता से कुछ मांगने के लिए कहा, परंतु कुंती माता ने क्या मांगा कि हमारे जीवन में दुख और संकट आते रहें। भगवान श्रीकृष्ण को हैरानी हुई कि सारी दुनियां मुझ से सुख मांगती है और तुम मुझसे दुख मांग रही हो, दुख भी कोई मांगने की चीज है। कुंती माता ने कहा कि यह सुख लेकर क्या करेंगे, जिसके आते ही आप हमें छोड़कर जा रहे हैं, वह दुःख ही अच्छे हैं, जिन दुखों में आप हमारे साथ रहे, आपका दर्शन मिलता रहा। इस प्रसंग से हमें क्या शिक्षा मिलती है कि भगवान का भक्त केवल और केवल भगवान का दर्शन चाहता है। दुख की परवाह नहीं करता, इसलिए भगवान उनको दर्शन देने के लिए आते हैं और इसके साथ-साथ दुष्टों का विनाश और धर्म की स्थापना भी कर जाते हैं।

इस अवसर पर पंडित राजकुमार तिवारी, पंडित मनोज़ कुमार (शास्त्री), पंडित ध्रूव नारायण, मुकेश सहदेव, संजीव ठाकुर, नीना ठाकुर, राजेश अगिहिहोत्री, डॉ दविंदर शर्मा, शशि शर्मा, रवि शर्मा, चंद्र गुप्ता, मोनिका गुप्ता, केवल शर्मा, चेतन भल्ला, ममता गुजराल, पूजा भल्ला, सुषमा शर्मा, विपन कुंद्रा, तेज प्रकाश, राजेश कुमार, प्रॉमिला, मुनीश ठाकुर, वीरकांता गुप्ता, सौरव सेठ, पूर्व पार्षद क्रीपाल सिंह बूटी, तेज कुमार दुबे, सतपाल, कुलविंदर, शिव कुमार, चन्दर मोहन चोपड़ा, नीलू ठाकुर, डॉ जतिंदर शर्मा, कनिका शर्मा, शक्ति शर्मा, अनिल नागपाल, राहुल कुमार, ओम प्रकाश दुबे, राकेश दुबे, पवन, विवेक बब्बी, विनय शर्मा, सागर, आदि मौजूद थे।

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