भाजपा आपसी लड़ाई में व्यस्त हैं, कांग्रेस को मिली संजीवनी

जालंधर/विशाल कोहली
भाजपा मंडल प्रधान सौरभ सेठ और जिला भाजपा उप प्रधान प्रदीप खुल्लर का गत दिन शुरू हुआ आपसी विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है।
आज प्रदीप खुल्लर के दफ्तर और आस-पास लगे मोहिंदर भगत के बोर्ड उतार दिए गए। बताया जा रहा है कि ऐसा खुल्लर समर्थकों की तरफ से मोहिंदर भगत के साथ नाराजगी को लेकर किया गया है। खुल्लर समर्थकों का कहना है कि चुनाव से पहले मोहिंदर भगत का ये हाल है तो वह बाद में क्या करेंगे। हालांकि खुल्लर के दफ्तर पर बीजेपी के झंडे अभी भी लगे हुए हैं। वहीं प्रदीप खुल्लर की इस संबंधी अभी तक कोई भी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अहम सवाल ये है कि असल इसके पीछे किसका हाथ है ? इस बात के भी संकेत मिल रहे हैं कि यह विवाद जालंधर वेस्ट से भाजपा प्रत्याशी के लिए आज के समय में सबसे बड़ा सिरदर्द बना हुआ हैं।
बता दें कि इस क्षेत्र के मतदाताओं की आंखों के आगे के भाजपा की गुटबन्दी का यह खुला खेल जारी है। इस खेल में कुछ भाजपाई आगे बढ़कर एक से एक जतन कर रहे हैं कि ताकि साबित कर सकें कि बीजेपी के मुख्य प्रतिद्वन्द्वी खुद बीजेपी वाले ही हैं। विपक्षी खेमे की हर पार्टी को बीजेपी का मुख्य प्रतिद्वन्द्वी बनकर उभरने का हक है लेकिन यहाँ तो खुद किसी व्यक्ति विशेष के समर्थक ही भाजपा प्रत्याशी के प्रतिद्वन्द्वी बने हुए हैं। जानकारों का कहना है कि इस लड़ाई का असर पंजाब की एक अन्य विधानसभा सीट पर पड़ सकता है। कौन सी है व सीट, जल्द ही अगले भाग में इसका खुलासा करेंगें।