लुधियाना फोकल प्वाइंट में सी.ए.ए के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन

 

लुधियाना (राजन मेहरा) आज यहां फोकल प्वाइंट मस्जिद बाबा चांद शाह के निकट जुम्मा की नमाज के बाद नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी की अध्यक्षता में भारी संख्या में लोगों ने केंद्र सरकार की ओर से बनाए गए काले कानून के खिलाफ जबरदस्त रोष प्रदर्शन किया। इस अवसर पर मौलाना जहांगीर मौलाना साबिर अली, सूरज अंसारी, मुहम्मद मुस्तकीम भी उपस्थति थे। नायब शाही इमाम ने कहा कि यह काला कानून देश के संविधान के खिलाफ है, केंद्र की सरकार भारत वासियों को धर्म के आधार पर बांट कर ओछी राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि संसद में सी.ए.ए और एन.आर.सी. को एक साथ बताकर भारत की 130 करोड़ जनता को भयभीत करने वाले अब अपनी बात से मुकर रहे हैं। मौलाना उस्मान ने कहा कि हम सभी शरणार्थियों के हक में है लेकिन धर्म के आधार पर बनाए जाने वाले किसी भी कानून को कभी नहीं माना जाएगा। उन्होंने कहा कि इस काले कानून के खिलाफ सभी भारत वासी एक जुट हैं। उन्होंने ने कहा कि केंद्र सरकार के इस से बड़ी नाकामी क्या हो सकती है कि कल तक धमकी की भाषा में बात करने वाले आज सी.ए.ए के हक में घर-घर जा कर प्रचार कर रही है।
इधर ऐतिहासिक जामा मस्जिद लुधियाना शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने शहर की विभिन्न मस्जिदों के इमाम साहिब और मुस्लिम लीडरान के साथ ऐलान किया है की शहर में 19 जनवरी, रविवार को दोपहर 1 से 4 बजे तक जामा मस्जिद के नजदीक हजारों महिलाऐं केंद्र सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन करेंगी। शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी ने कहा है कि हजारों मां बहनें और बेटियां इस रोष प्रदर्शन में शामिल हो कर मोदी सरकार को संदेश देना चाहती हैं की इस काले कानून के खिलाफ देश का हर वर्ग विरोध कर रहा है। शाही इमाम ने कहा कि देश के संविधान में स्पष्ट लिखा है कि सरकार हमेशा धर्मनिरपेक्ष रहेगी, इस काले कानून को धर्म आधारित बनाकर संविधान के मूल सिद्धांतों की उलंघना की गई है।
उन्होंने कहा कि आज मुसलमानों को इस कानून से बाहर निकालने वाले कल को देश की बाकी जातियों को बाहर निकाल सकते हैं, शाही इमाम ने कहा कि देश की जनता किसी कीमत पर इस काले कानून को कभी नहीं मानेगी, केंद्र सरकार ताकत अपने ही देश वासियों के खिलाफ इस्तमाल कर के काले कानून के साथ साथ काला इतिहास भी लिख रही है।

Please select a YouTube embed to display.

The request cannot be completed because you have exceeded your quota.