संस्कारों की कमी के चलते युवा पीढ़ी भूल रहे है बड़े-बुर्जुगों का सम्मान : मुकेशानंद गिरी

लुधियाना( राजन मेहरा)
श्री प्रेम धाम में साप्ताहिक सत्संग का शुभारंभ विधिवत पूजन के साथ हुआ। सर्वप्रथम महामंडलेश्वर मुकेशानंद गिरी जी महाराज ने गणेश वंदना प्रस्तुत कर ठाकुर जी को सत्संग स्थल पर विराजमान रहने का आहवान किया। श्री प्रेम धाम संकीर्तन मंडल व महिला संकीर्तन मंडल ने भजन प्रस्तुत किए। मुकेशानंद गिरी जी ने पश्चिमी सभ्यता के प्रभाव में एकल परिवारों के बढ़चे प्रचलन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मोबाइल-इंटरनैट के युग में हमारी भावी पीढिय़ा संस्कारो की कमी के चलते दिशाविहिन होकर बड़े-बुर्जुगों का सम्मान भूल चुकी है। इस सब के अकेला मोबाइल-इंटरनैट ही नहीं बल्कि अभिभावक भी जिम्मेदार हैं। जो कि बच्चों को सांसारिक ज्ञान उपलब्ध करवाने के लिए देश-विदेश के उच्चकोटि के संस्थानों में तो भेजते हैं। मगर संस्कारों की शित्रा देना भूल जाते है।

उन्होने कहा कि जिस तरह से सांसारिक जीवन व्यतीत करने के लिए भर पेट भोजन व दुनियावी ज्ञान जरुरी है। ठीक उसी तरह व आत्मा की तृप्ति व बड़ों के सम्मान व सेवा के लिए संस्कारों का भोजन भी नियमित आवश्यक है। सत्संग के समापन पर भक्तों ने ठाकुर जी की आरती उतार भोग अर्पित किए। ठाकुर जी को अर्पित भोग-प्रसाद भंडारे के रुप में वितरित हुआ। इस अवसर पर दीपक मनचंदा,सुदेश गोयल, रवि गोयल, पंडित सोहन लाल, प्रेम सिंगला,सुमित गोयल,वरुण मिगलानी ,यदु सिंगला,मानित शर्मा, गौरव बंसल,ललित गोयल, ,वरिंदर मित्तल, राजन मोदी, विजय कुमार, शिव गोयल, प्रेम लाला , रोशन लाल, सचिन शर्मा, राज कुमार, डॉक्टर राजिंदर मेहरा, पवन कुमार, राजेश शर्मा, जय के धीर, इन्दरपुल सिंह अरोड़ा ,मनोज शर्मा, रूबी ठाकुर,राजीव शर्मा,महेश सिंगला,अमित शर्मा, समीर अब्रोल, लखवीर सिंह,राजिंदर सिंह, राजिंदर पॉल शर्मा , बेअंत सिंह, आदि भी उपस्थित थे

Please select a YouTube embed to display.

The request cannot be completed because you have exceeded your quota.