सिद्धपीठ दण्डीस्वामी मँदिर में आयोजित आई/डायबिटिज् मल्टीस्पैशियैलिटी कैंप में 900रोगियों की हुई जाँच: डॉ सुरेंद्र गुप्ता

लुधियाना(राजन मेहरा ) :”डायबिटीज फ्री वर्ल्ड” की टीम ने 300 से अधिक डायबिटिज् रोगियों की फ्री जांच की। “डायबिटीज फ्री वर्ल्ड” की टीम ने डॉ सुरेंद्र गुप्ता मैनेजिंग डायरेक्टर के नेतृत्व में, आज सिद्ध पीठ दंडी स्वामी मंदिर में, 275वाँ फ्री डायबिटीज कैंप का आयोजित किया। जिसमें 300 से अधिक रोगियों की फ्री जांच की गई। डॉ सुरेंद्र गुप्ता, डॉक्टर करनैल सिंह, डॉक्टर इंदर शर्मा, डॉ प्रवीण भल्ला ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। सुप्रसिद्ध नेत्र चिकित्सक डॉ रमेश, डीऐमसी हस्पताल के वरिष्ठ गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ वरुण मेहता व डॉक्टर योगेश गुप्ता, ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉक्टर संदीप शर्मा ने सुपर स्पेशलिटी सेवाएं प्रदान कीं। सिद्ध पीठ संचालक पंडित राजकुमार शर्मा जी ने डॉक्टरों की टीम का अभिवादन किया। श्री चंद्र मोहन जुनेजा, श्री राम नाथ पांडे, श्री नरेंद्र शर्मा, श्री अशोक मरवाहा, श्री पवन शर्मा, श्री शिवकुमार शर्मा व अविनाश सिक्का ने कैंप में अपनी उपस्थिति दर्ज की। डा गुप्ता ने बताया कि सभी रोगियों की फ्री ब्लड शुगर टैस्टिँग के इलावा, ब्लड प्रेशर व न्यूरोपैथी टेस्ट किया गया। और सुगम आयुर्वेद आधारित, खुराक व जीवनशैली बदलाव दर्शक डाइट चार्ट दिया गया और फ्री दवाएं वितरित की गई। डॉ सुरेंद्र गुप्ता ने रोगियों से बातचीत करते हुए कहा कि मधुमेह की एडवांस स्टेज में, पैन्क्रिआज् में इंसुलिन बनाने वाले, बीटा-सेल्स संपूर्णता नष्ट हो जाते हैं। और रोगी को इंसुलिन के इंजेक्शन लगाने के इलावा कोई रास्ता नहीं बचता। लेकिन रोगी टीके के डर से, दो-तीन साल बर्बाद कर देते हैं। और इसी के चलते, कई तरह की कॉम्प्लिकेशंस उत्पन्न हो जाती हैं।


इसके अलावा रोगियों को इंसुलिन के टीके की डोज संबंधी भी कई तरह की शंकाएं होती है। 24 घंटे तक काम करने वाली ग्लार्गन-इंसुलिन का टीका दिन में एक बार, 12 घंटे तक काम करने वाली मिक्सटार्ड का टीका दो बार, व 3 घंटे तक काम करने वाली प्लेन-इंसुलिन तीनों बार के खाने के साथ देनी पड़ती है। इसलिए ग्लार्गन-इंसुलिन के टीके की डोज निष्चय ही अधिक रहती है। जिसे लेने से रोगी घबराते हैं। उन्हें ये समझना चाहिये कि ये ईंसुलिन अति-धीरे धीरे काम करती है व हाईपो-ग्लाईसीमिया भी नहीं करती।डॉ सुरेंद्र गुप्ता ने सभी मधुमेह रोगियों को, सर्दियों के दिनों में, अपनी सैर व एक्सरसाइज या योगा प्राणायाम कार्यक्रम को, जारी रखने का आह्वान किया। ताकि सर्दियों के, अधिक कैलरी युक्त, पंजाबी भोजन की वजह से डायबिटीज कंट्रोल में बाधा ना आए। उन्होंने हार्ट अटैक या श्वास रोग से पीड़ित रोगियों को सुबह-सवेरे धुंध भरे मौसम में, सैर ना करने की हिदायत दी। और कहा कि वे धूप खिलने के बाद ही सैर या परिश्रम युक्त कार्य करें।