हर किसी को अपने हिस्से का कष्ट खुद ही सहना पड़ता है: श्री श्री 108 स्वामी सिकंदर जी महाराज

जालंधर(योगेश कत्याल)
अपने तकलीफों के लिए भी परमात्मा को धन्यवाद दीजिये और जीवन के खूबसूरत सफर का आनंद लीजिये। तकलीफें तो साज है जिंदगी का, बस यही तो एक राज है जिंदगी का। हर किसी को अपने कष्ट खुद ही सहने पड़ते हैं।
यह आशीर्वचन अखिल भारतीय दुर्गा सेना संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री श्री 108 स्वामी सिकंदर महाराज जी के सानिध्य में आज प्राचीन शिव मंदिर, नजदीक दोमोरिया पुल में करवाए गए मां बगलामुखी साप्ताहिक हवन यज्ञ को विश्राम देते हुए कहे। उन्होंने कहा कि हर कोई बस आसान रास्ता तलाशने में लगा हुआ है , लेकिन एक सच ये भी है कि खूबसूरत मंजिल को ले जाने वाले रास्ते कभी आसान हो हीं नहीं सकते। श्री स्वामी जी ने कहा कि जीवन के सफर में आने वाले कष्टों से घबराइए मत, ये तकलीफें हीं तो है जो आपको जिंदगी का असली तजुर्बा देती हैं। इन्हीं तकलीफों में कोई टूट जाता है और कोई रिकॉर्ड तोड़ता है, चुनाव आपको करना है कि तकलीफों में टूटना है या रिकॉर्ड तोड़ना है।


इस अवसर पर विशेष तौर से उपस्थित गुरु मां नीरज रत्न सिकंदर जी ने कहा कि मनुष्य के जीवन में विपत्तियां, कठिनाइयां, विपरीत परिस्थितियां और कष्ट की घड़ियां आती ही रहती हैं। सुख-दुख जीवन रथ के दो पहिए हैं। इनसे कभी डरना या घबराना नहीं चाहिए।


इस मोके अखिल भारतीय दुर्गा सेना के पंजाब अध्यक्ष विशाल शर्मा, जालंधर अध्यक्ष वैभव शर्मा, मीडिया प्रभारी राकेश महाजन, रंजना जॉली,अनीता बाहरी,राधा अरोड़ा, रवनीत सिंह, बिन्नी वोहरा, मोहित गांधी, इकबाल सिंह, कमल मल्होत्रा आदि ने हवन में आहुति डालते हुए विश्व भर के लोगों को कोरोना वायरस से बचाव की कामना भी की।