1993 बम धमाका मामला:मोदी सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने दिया एक बड़ा झटका

जालंधर(योगेश कत्याल)
सुप्रीम कोर्ट ने दविन्दरपाल सिंह भुल्लर को रिहा करन के फ़ैसले पर रोक लगा दी है। जस्टिस आर ऍफ़ नरीमान का नेतृत्व वाले निचले सुप्रीम कोर्ट के बैंच ने केंद्र सरकार को हिदायत की है कि दविन्दरपाल सिंह भुल्लर को अभी जेल में ही रखा जाये और उन को रिहा न किया जाये। जस्टिस ने यह फ़ैसला मनिन्दरजीत सिंह बिट्टा के वकील की तरफ से पेश दलीलों पर सुनाया है। दरअसल में केंद्र सरकार ने बीते सितम्बर महीने दविन्दरपाल सिंह भुल्लर समेत आठ सिक्ख कैदियों को रिहा करन के हुक्म जारी किये हैं। यह ऐलान श्री गुरु नानक देव जी की 550वीं वर्षगांठ के मौके किया गया था। जिस को ले कर बिट्टा ने ही सुप्रीम कोर्ट में अपनी पटीशन के द्वारा केंद्र सरकार के उस फ़ैसले को चुनौती दी थी, जिस के द्वारा दविन्दरपाल सिंह भुल्लर की सज़ा माफ़ की गई थी।बता दें कि सितम्बर 1993 में एक बम धमाको साथ सम्बन्धित मामलो में दविन्दरपाल सिंह भुल्लर जेल की सज़ा काट रहे हैं। इस धमाको में 9की मौत हो गई थी और कांग्रेस नेता एम्,एस बिट्टा समेत 17 ओर ज़ख़्मी हो गए थे। बिट्टा उस समय यूथ कांग्रेस के प्रधान होते थे। ज़िक्रयोग्य है कि भुल्लर को इस मामलो में फांसी की सजा हुई थी परन्तु उन की मानसिक स्थिति को देखते सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में फांसी की सजा को उम्र कैद में बदल दिया था। इस से पहले 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने भुल्लर की सजा में रिहा वाली पटीशन को ख़ारिज कर दिया था।

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