40 साल बाद भारी बरसात में भी नदी नहीं बनी 120 फुट रोड

जालंधर/विनोद मरवाहा
विधानसभा हलका जालंधर वेस्ट के कांग्रेस प्रत्याशी और विधायक सुशील कुमार रिंकू भरी बारिश के बीच छाता लेकर खड़े थे और उनके हाथ में चाय का प्याला था। वह एक सपना जी रहे थे। जी हां, रिंकू ने एक सपना देखा था कि कभी बारिश के बीच बस्तीयात क्षेत्र की लाइफलाइन 120 फुट रोड पर पानी जमा न हो और वह बीच बारिश खड़े होकर चाय पीएं। उनका सपना पूरा हुआ और उन्होंने इस सपने को जी भी लिया। इस सपने को देखा भी रिंकू ने था और पूरा भी उन्होंने ही किया। चार सालों की कड़ी मेहनत के बाद वेस्ट हलके की 40 साल से चली आ रही सबसे बड़ी समस्या को हल करवा कर लोगों के हीरो बन गए हैं। उनके प्रयास रंग लाए और चार दशक बाद भारी बारिश के बावजूद 120 फुट पर पानी नहीं था। ट्रैफिक भी बिना किसी रुकावट से गुजर रहा था।
सुशील रिंकू ने स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बने स्टॉर्म वाटर सीवरेज प्रोजैक्ट का सफल ट्रायल किया। बारिश के बीच वह सुबह 10.30 बजे 120 फुट रोड पहुंचे वहां उन्होंने स्टॉर्म सीवरेज को चालू कराया। जिसके बाद देखा कि वह पूरी तरह काम कर रहा है और सारा पानी आसानी से रोड गलियों के जरिए 72 इंच के बड़े पाइपों में चला जा रहा है। 21 करोड़ की लागत से तैयार हुए इस प्रोजैक्ट ने हलके को एक नई विकास की दिशा दी है। इस प्रोजैक्ट को चालू करने के बाद वह फेसबुक पर लाइव भी हुए। उन्होंने मौके पर अपने हलके के लोगों के सवालों के जवाव भी दिए। लोगो ने उनको बधाइयां भी दीं। इस ट्रायलके सफल होने के बाद रिंकू के विरोधियों के होश उड़ गए हैं। विधायक ने उनकी बोलती बंद करवा दी है। हर तरह की गंदी राजनीति से दूर विधायक रिंकू के किए विकास काम खुद उनकी मेहनत की गाथा लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
बता दें तीन घंटे तक बारिश में खड़े होकर रिंकू इस प्रोजैक्ट में आने वाली बाधाओं को खुद दूर करवाते रहे। उन्होंने बताया कि 120 फुट रोड पर 40 साल से सबसे बड़ी समस्या बरसाती पानी का पाइप न होने से आ रही समस्या ही थी। वह पार्षद रहते हुए भी समस्या को दूर करने के लिए प्रयास करते रहे। लेकिन विधायक बनने के बाद ही उनको इस प्रोजैक्ट को लाने का मौका मिला। चार दशकों से जरा सी बारिश में 120 फुट रोड पानी से लबालब भर जाती थी और दरिया की रूप ले लेती थी। लोगों को अपना रास्ता बदलना पड़ता था। दो तीन दिन पानी नहीं उतरता था। अब यह समस्या कभी लोगों को तंग नहीं करेगी। लोग खुश हैं।


2018 में शुरू हुआ था प्रोजैक्ट का काम
विधायक सुशील रिंकू बताते हैं कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत उन्होंने इस प्रोजैक्ट पर 2018 में काम शुरू करवा दिया था। इनके ले आउट प्लान से लेकर ड्राइंग बनवाने और अफसरों के साथ लगातार लंबी मीटिंगें चलीं। वह खुद दिन रात इस प्रोजैक्ट को ग्राउंड लैवल पर लाने के लिए प्रयास करते रहे। इस प्रोजैक्ट का 2020 में नींवपत्थर रख कर निर्माण काम शुरू किया गया। इसे रिकॉर्ड समय में पूरा भी कराया गया। चुनाव आचार सहिता लगने से पहले सीएम ने इस प्रोजैक्ट का उद्घाटन किया। अब बारिश के बाद इसको चालू किया गया है और ट्रायल पूरी तरह सफल रहा।
40 से ज्यादा रोड गलियों से 72 इंच पाइप में जाएगा पानी
इस प्रोजैक्ट में इंटरनैशनल स्तर की क्वालिटी वाली 72 इंच की पाइपों को इस्तेमाल किया गया। ताकि भविष्य में पांच दशक तक इसमें कोई रुकावट न आए। इन पाइपों की ऊंची इतनी है कि इसमें ट्रक तक आसानी से निकल सकता है। 120 फुट रोड पर बबरीक चौक से लेकर बाबू जगजीवन राम चौक तक 700 मीटर का 72 इंची पाइप डाला गया है। इसमें पानी फैंकने को 40 से ज्यादा रोड गलियां बनाई गई हें। ताकि पानी पूरे फ्लो के साथ जाए। कहीं भी पानी जमा न हो।
खुद मौके पर खड़ा होकर खुलवाते रहे रोड गलियां
विधायक रिंकू तीन घंटे खुद ही मौके पर खड़े होकर पानी की निकासी का जायजा लिया। प्लास्टिक बैग्स और लिफाफों के कारण रोड गलियों में पानी की निकासी के लेकर कुछ दिक्कत आ रही थी। उन्होंने मौके पर ही सभी समस्याओ को दूर कराया। रोड गलियों को खुद अपने सामने खुलवाया। उन्होंने कहा कि कुछ पुरानी पाइपों से पानी ओवरफ्लो होने की दिक्कत आ रही है। अभी कुछ इलाकों को जोड़ा जाना बाकी है। बस्ती दानिशमंदा, बस्ती शेख, बस्ती नौ और अन्य इलाकों की पाइपों को जोड़ने के बाद वहां का पानी भी इसी सीवरेज में गिरेगा। वहां की ओवरफ्लो की समस्या भी दूर होगी।
लोगों को रोककर जाना- कैसे महसूस कर रहे
विधायक सुशील रिंकू ने 120 फुट रोड से गुजर रहे लोगो से पूछा कि अब उनको कैसा लग रहा है जब इतनी बारिश के बाद भी 120 फुट रोड दरिया नहीं बनी और वह खाली सड़क से आसानी से गुजर पा रहे हैं। लोगों ने कहा कि वह 120 फुट रोड को खाली देखकर चौंक गए। नहीं तो उनको लगता था कि रोड पानी से भरी होगी। उनको रास्ता बदलना पड़ेगा। लेकिन जब देखा तो सड़क पूरी तरह खाली थी। ट्रैफिक में भी कोई बाधा नहीं थी।

Please select a YouTube embed to display.

The request cannot be completed because you have exceeded your quota.