5000 एकड़ गौचर भूमि को कब्जा मुक्त करवाये पंजाब सरकार: अशवनी गैंद

होशियारपुर/कुलदीप सैनी
शहर और अन्य इलाकों के गांवो में बेसहारा घूम रही गायों की संख्या में लगातार विस्तार होने के कारण शहर और लिंक सड़कों पर ट्रैफिक की बन रही गम्भीर समस्या और गायें हादसों का कारण बनते के कारण आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सैंकड़ों लोग अपनी जान गवा चुके हैं। इसी समस्या को लेकर नई सोच वैलफेयर सोसायटी (रजि.) जो कि गौ सेवा सम्भाल के लिए कई सालों से कार्य कर रही है के संस्थापक अध्यक्ष श्री अशवनी गैंद की अध्यक्षता में एक मांग पत्र मुख्यमंत्री पंजाब स. भगवंत सिंह मान जी के नाम पर कैबिनेट मंत्री श्री ब्रहम शंकर जिम्पा जी को भेंट किया गया।
श्री गैंद ने बताया कि लवारिस गौधन की शुरुआत गांवो और डेयरी वालों द्वारा दूध ना देने बाली गायों को सड़कों पर छोड़ने से होती है, अगर पंचायत स्तर पर गौशालायें बना दी जायें और सरपंच के द्वारा गौशाला को चलाया जाये और गांव मे जो लवारिस गौधन होगा उसे इसी गौशाला में रखा जा सकता है, जिसका चारा सरका द्वारा गऊ सैस के पैसे से दिया जा सकता है।
इस अवसर पर गैंद ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल द्वारा गर्वनर पंजाब के सहयोग से 14.03.2013 को नोटीफिकेशन जारी कर छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था जिसमें प्रस्ताव रखा गया थ कि गोचर भूमि की पहचान कर उनसे कब्जे छुड़ाये जायेंगे। कमेटी ने 14 नवम्बर 2014 को कब्जे बाली गोचर भूमि का सर्वे करवा रिर्पोट दी थी कि पंजाब में 4900.31 एकड़ भूमि पर कुछ दबंग लोगों ने कब्जा जमा रखा है, जिसमें से अधिकतर लोग सत्ताधारी पार्टियों से नाता रखते हैं। जिस कारण उन से भूमि छुड़वाने की बजाये अधिकारी मीटिंग कर खानापूर्ती करते रहे।
सर्वे के बाद उक्त कमेटी सदस्यों ने भूमि के बारे में रिर्पोट दी थी कि ये भूमि पंजाब की चार रियासतों नाभा, पटियाला, कपूरथला तथा फरीदकोट के राजा की थी, उनहोने इसे गौवंश की संभाल के लिए अलग रखा था। उन राजाओं ने प्रावधान रखा था कि भविष्य में भी इस भूमि का इस्तेमाल गोवंश के लिए ही किया जाए।
माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा भी अपील न0 436/2011 के संबंध में दिये गए आदेश उपरांत एनिमल वेलफेयर बोर्ड आफ इंडिया द्वारा मीमो न0 3-1/2017-18ईएसटी दिनांक 5.3.18 द्वारा पंजाब सहित समस्त राज्यों को गौचर भूमि पर अवैध कब्जों के संबंध में विस्तृत रिर्पोट सौंपने के लिए कहा था ताकि गौचर भूमि के संबंध में युनिफार्म नैशनल पॉलिसी बनाई जा सके।
मगर धरातल पर कोई असर नज़र नहीं आता। अगर गौचर भूमि को अवैध कब्जाधारियों से मुक्त करवा लिया जाए तो पंजाब में सड़कों पर एक भी लवारिस गाय या बैल नहीं मिलेगा। इस अवसर पर पूर्व पाषर्द सुरेश भाटिया, मधुसूदन तिवारी, अमन सेठी, अजय जोशी, दविन्द्र गुप्ता, अभि भाटिया, जसविंद्र सिंह घुम्मण, राजेश शर्मा, विक्की वालिया, अवतार सिंह आदि उपस्थित थे।