मोबाइल या बैंक आदि में वेरिफिकेशन के लिए अब आधार नंबर देना जरूरी नहीं होगा।

जालंधर(विनोद मरवाहा)
आधार कार्ड की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के चलते अब इसमें कुछ बदलाव किए जा रहे हैं. आधार कार्ड और इसके उपयोग को लेकर ढांचागत बदलाव होंगे. इसके तहत वर्चुअल आईडी की शुरुआत की जाएगी. अब सुविधाओं का लाभ लेने के लिए आधार नंबर देना अनिवार्य नहीं होगा. इसके बजाय क्रिप्टिक बारकोड का उपयोग होगा जिससे पहचान संख्‍या सुरक्षित रहेगी.

साथ ही ‘अपने ग्राहक को जानो’ की सुविधा को भी सरल किया जाएगा. इसमें एजेंसी से जुड़ा हुआ यूआईडी टोकन जारी होगा जिससे गैरजरूरी जगहों पर आधार नंबर नहीं देना पड़ेगा. यूआईडीएआई की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हाल के दिनों में प्राइवेसी को लेकर कई सवाल उठे हैं. इसे ध्‍यान में रखते हुए आधार को और मजबूत करने के लिए नई प्रकियाएं शुरू की गई हैं.
अभी तक देश में 119 करोड़ आधार कार्ड बनाए जा चुके हैं. बैंक, टेलीकॉम, सार्वजनिक वितरण और इनकम टैक्‍स जैसे विभागों में इसका उपयोग किया जा रहा है.

क्‍या है वर्चुअल आईडीयह 16 नंबर की अस्‍थायी आईडी होगी जो आधार नंबर से बनाई जाएगी. इससे किसी भी व्‍यक्ति का आधार नंबर नहीं निकाला जा सकेगा. वर्चुअल आईडी की आखिरी नंबर आधार संख्‍या की एल्‍गोरिदम से जनरेट होगा. किसी भी समय पर एक आधार से एक ही वर्चुअल आईडी बन सकती है.जब भी ‘अपने ग्राहक को जानो’ की जरूरत होगी तब वर्चुअल आईडी का इस्‍तेमाल किया जा सकता है. वर्चुअल आईडी की नकल नहीं की जा सकती. यह आधार कार्ड धारक की जनरेट कर सकता है.

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