अजमेर दरगाह ब्लास्ट का फैसला आज, RSS से जुड़े हैं कई आरोपी

अजमेर हलचल नैटवर्क)
जयपुर की नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) स्पेशल कोर्ट अजमेर दरगाह ब्लास्ट केस में आज अपना फैसला सुना सकती है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े हिंदूवादी संगठनों के 13 लोग इस मामले में आरोपी हैं। स्वामी असीमानंद, देवेंद्र गुप्ता, चंद्रशेखर लेवे, मुकेश वासनानी, लोकेश शर्मा, हर्षद भारत, मोहन रातिश्वर, संदीप डांगे, रामचंद कलसारा, भवेश पटेल, सुरेश नायर और मेहुल इस ब्लास्ट केस में आरोपी हैं। एक आरोपी सुनील जोशी की हत्या हो चुकी है। वहीं आरोपियों में से संदीप डांगे और रामचंद कलसारा अभी तक गायब हैं।
बदला लेने के लिए रची थी ब्लास्ट की साजिश
चार्जशीट के अनुसार, आरोपियों ने वर्ष 2002 में अमरनाथ यात्रा और रघुनाथ मंदिर पर हुए हमले का बदला लेने के लिए अजमेर शरीफ दरगाह और हैदराबाद की मक्का मस्जिद में बम ब्लास्ट की साजिश रची थी। पुलिस ने ब्लास्ट की जगह से 2 सिम कार्ड और एक मोबाइल बरामद किया था। सिम कार्ड झारखंड और पश्चिम बंगाल से खरीदे गए थे। घटनास्थल से एक बैग में रखा जिंदा बम बरामद किया गया था।
11 अक्टूबर, 2007 को हुआ था दरगाह में ब्लास्ट
गौरतलब है कि 11 अक्टूबर, 2007 की शाम करीब सवा 6 बजे अजमेर दरगाह में ब्लास्ट हुआ था। इस ब्लास्ट में 3 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 15 लोग घायल हुए थे। इस मामले में कुल 184 लोगों के बयान दर्ज किए गए, जिसमें 26 महत्वपूर्ण गवाह अपने बयानों से मुकर गए थे। मुकरने वाले गवाहों में झारखंड के मंत्री रणधीर सिंह भी शामिल थे। मामले की जांच के बाद कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें कुछ आरोपियों ने मजिस्ट्रेट के सामने बम ब्लास्ट के आरोप कबूल भी किए थे। बाद में सभी आरोपियों और गवाहों ने सीबीआई और एनआईए पर डरा-धमकाकर बयान दर्ज करवाने का आरोप लगाया।

Please select a YouTube embed to display.

The request cannot be completed because you have exceeded your quota.

188 thoughts on “अजमेर दरगाह ब्लास्ट का फैसला आज, RSS से जुड़े हैं कई आरोपी

Comments are closed.