मुख्यमंत्री के दौरे में न खोला अस्पताल का गेट, बच्चे की मौत

आगरा (हलचल नेटवर्क)
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को जिस समय एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी का निरीक्षण कर रहे थे, उस समय एक पिता एनआइसीयू के बाहर अपने नवजात की जान बचाने के लिए छटपटा रहा था। डेढ़ घंटे तक गेट पीटता रहा, मगर योगी के दौरे के चलते गार्ड ने अंदर नहीं घुसने दिया। जब तक गेट खोला गया, नवजात की सांसें थम चुकी थीं। किसान नीटू निवासी कचमई, फीरोजाबाद की पत्नी लक्ष्मी ने शनिवार को एसएन में सिजेरियन (ऑपरेशन) से एक बेटे को जन्म दिया था। नवजात को सांस लेने में समस्या देख उसे बाल रोग विभाग के प्रथम तल स्थित सघन चिकित्सा कक्ष (एनआइसीयू) में भर्ती कर दिया गया। रविवार को मुख्यमंत्री के संभावित निरीक्षण को देखते हुए सुबह 10.30 बजे ईशा सिक्योरिटी सर्विसेज के गार्ड श्याम विहारी ने एनआइसीयू से पुरुष तीमारदारों को बाहर कर ताला लगा दिया। नीटू एनआइसीयू में अपनी मां मुन्नीदेवी को छोड़ खुद स्त्री रोग विभाग में भर्ती अपनी पत्नी के पास चला गया। ग्यारह बजे नवजात की तबियत बिगड़ने पर उसकी मां ने उसे फोन किया। वह दौड़ता हुए एनआइसीयू पहुंचा, वहां गेट पर ताला लगा था। दूसरे गेट पर दौड़ा, तो वहां भी ताला था। नीटू अंदर जाने के लिए गेट पीटने लगा, लेकिन गार्ड ने खोलने से इन्कार कर दिया, वह गेट के बाहर बिलखता रहा। दोपहर 12.30 बजे गेट खुलते ही उसकी मां मुन्नी देवी फूट-फूट कर रोने लगी, एनआइसीयू में नवजात की मौत हो चुकी थी। इस पर आक्रोशित नीटू ने गार्ड को दबोचा, तो उसे धक्का मारकर बाहर निकाल दिया। नीटू मुख्यमंत्री से शिकायत करने इमरजेंसी पहुंचा, मगर तब तक वह जा चुके थे। 100 नंबर पर फोन कर दिया। पुलिस के पहुंचने के बाद नीटू को नवजात का शव दिया गया।
(साभार : दैनिक जागरण)

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