बिना बिजली खर्च किए एक घंटे में पाएं ठंडा पानी

Close-up pouring water into glass on a blue background

जालंधर(विशाल कोहली)
गर्मी के दिनों में पेय पदार्थ की खपत बढ़ जाती है, और पानी की आवश्यकता अधिक रहती है। ऐसे में मिट्टी के बने मटके, सुराही के साथ-साथ बाजार में मिट्टी के बोतल व जग भी उपलब्ध हैं। छोटे-बड़े सभी आकार के बॉटल बाजार में मिल रहे हैं। एक लीटर, आधा लीटर की बोतल का इस्तेमाल करना भी आसान होता है, इन्हे आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है, साथ ही जग का इस्तेमाल लोग अपनी डाइनिंग टेबल पर रखने के लिए कर सकते हैं।

मिट्टी के बर्तन का उपयोग करना सेहत के लिए भी अत्यंत लाभकारी होता है। मिट्टी के बर्तन में ठंडा किया गया पानी कई बीमारियों की रोकथाम करने में अहम भूमिका निभाता है। तथा इन पात्रों में पानी को ठंडा करने के लिए बिजली की भी आवश्यकता नहीं रहती है। जो छोटी किंतु रोज होने से बड़ी बचत होती है।

मिट्टी के बर्तन में ठंडा किया गया पानी किसी भी प्रकार से दूषित नहीं हो पाता है। बर्तन के बारीक छिद्र में से ऑक्सीजन प्रवेश करता है, जो पानी के दूषित नहीं होने देती है तथा मिट्टी के पोषक तत्व पानी को स्वच्छ बनाए रखते हैं।

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