कब लगने जा रहा है साल का पहला चंद्रग्रहण, जानें

जालंधर(विनोद मरवाहा)
अपने देश में इस साल 2018 का लगने वाला पहला चंद्रग्रहण भारतीय मानक समयानुसार प्रारंभ सायं 5:18 बजे से, ग्रहण की मध्य रात्रि 7:00 बजे तथा ग्रहण की मोक्ष रात्रि 8:41 बजे होगी। यह चंद्र ग्रहण पूरे भारत के साथ आस्ट्रेलिया, एशिया, उत्तर-पूर्वी यूरोप, पूवरेत्तर अफ्रीकी देशों, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका के उत्तर-पूर्वी भाग, प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर, अंटार्कटिका एवं आर्कटिक में दिखाई देगा। यह खग्रास चंद्र ग्रहण पूरे भारत में दिखेगा।

धर्मशास्त्र के अनुसार यह ग्रहण 31 जनवरी बुधवार माघी पूर्णिमा के दिन लगने जा रहा है। चंद्रग्रहण का सूतक स्पर्श काल से नौ घंटे पूर्व ही लग जाता है। ग्रहण के सूतक काल में मूर्ति पूजन वर्जित है। ग्रहण काल में भोजन, शयन, यात्ररंभ, नव कार्यारंभ एवं मलमूत्र उत्सर्जन भी शास्त्र के अनुसार वर्जित है। ग्रहण काल में भगवत भजन व मंत्रदि जप करना सिद्धि प्रदायक व विशेष पुण्यकारी माना गया है।
क्या करें गर्भवती महिलाएं
गर्भवती महिलाओं को ग्रहण काल में विशेष सतर्कता रखते हुए निम्न बातों पर ध्यान देना चाहिए
ग्रहण काल में चंद्र दर्शन से परहेज करें।
यथासंभव घर के अंदर ही रहें।
ग्रहण काल में शयन न करें।
भगवान का ध्यान भजन व मंत्र जप करें।
चाकू या हसुए के प्रयोग से परहेज करें।
क्रोध और व्यर्थ की चिंता से बचें। प्रसन्न रहें।
ग्रहण का प्रभाव विभिन्न राशियों पर पड़ेगा।

मेष: सामान्यत: प्रतिकूल, असंतोषप्रद।
वृष: लाभकारी व सफलताप्रद।
मिथुन : सम्मान को ठेस, अशांतिप्रद।
कर्क : कष्ट प्रद, धन हानि, क्षतिप्रद।
सिंह: सामान्यत: कष्टकारक, व्ययप्रद।
कन्या: धनलाभ, सुख साधन विकास।
तुला: सुखोन्नति, लाभकारी।
वृश्चिक: संतोषप्रद, सम्मान में कमी।
धनु : प्रतिकूलताप्रद, कष्टप्रद, अशांतिप्रद।
मकर: परिजन को कष्ट, सुख में बाधा।
कुंभ : उत्तम फलप्रद, प्रिय से खुशी।
मीन: बाधाकारक, चिंताप्रद।
यह ग्रहण कुल 3 घंटा 23 मिनट रहेगा। ग्रहण की समाप्ति के बाद स्नान दान आदि धर्म कार्य करना चाहिए। यदि पवित्र नदी में स्नान संभव न हो, तो पवित्र नदियों के स्मरण के साथ स्नान करने से भी विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
विभिन्न राशियों पर पड़ेगा प्रभाव
इस चंद्रग्रहण का स्पर्श पुष्य नक्षत्र में तथा मोक्ष आश्लेषा नक्षत्र में होगा। अत: पुष्य नक्षत्र, आश्लेषा नक्षत्र व कर्क राशि के जातकों पर ग्रहण का विशेष प्रभाव मिलेगा। इन नक्षत्र व राशि वालों को ग्रहण दर्शन से परहेज करना श्रेयस्कर रहेगा।