अखिल भारतीय दुर्गा सेना संगठन ने श्री श्री 108 स्वामी सिकंदर महाराज और गुरु माता नीरज रतन सिकंदर की अध्यक्षता में श्रद्धाभाव से मनाया गुरु पूर्णिमा महोत्सव

जालंधर(विनोद मरवाहा)
अखिल भारतीय दुर्गा सेना संगठन की ओर से प्राचीन शिव मंदिर नजदीक दोमोरिया पुल में प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी गुरु पूर्णिमा का पर्व संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व संस्थापक श्री श्री 108 स्वामी सिकंदर महाराज और गुरु माता नीरज रतन सिकंदर की अध्यक्षता में मनाया गया। इस मौके पर दूर-दूर से आई संगत ने गुरु व गुरु माँ का दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया। शिष्यों का दोपहर तक उनसे आशीर्वाद लेने के लिए तांता लगा रहा।
इस अवसर पर श्री श्री 108 स्वामी सिकंदर महाराज ने सभी को आशीर्वाद देते हुए कहा कि जो गुरु वचनों पर विश्वास करता है, उसके जीवन में मंगल ही मंगल होता है। उन्होंने कहा कि गुरु भगवान नहीं हैं, लेकिन भगवान ने गुरु को अपने से बड़ा बना दिया है। भगवान भी गुरुतत्व से बंध गए कि वह अपने शिष्य को जो भी वादा करेगा, उसे भगवान अवश्य ही पूरा करेंगे। उन्होंने अनेक उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि गुरु की शिक्षाओं पर अटूट विश्वास रखने वाले को परमात्मा भी मिलते हैं और  कृपा भी प्राप्त होती है। ऐसे भक्त मुक्ति के अधिकारी हो जाते हैं।

उन्होंने कहा कि जिसने गुरु का आशीर्वाद नहीं लिया, उसका इस धरती पर जीवन व्यर्थ है। गुरु ही व्यक्ति के जीवन का मार्गदर्शक होता है,जो जीने की राह दिखाता है। जीवन में समय-समय पर आने वाले संकट से बचने का उपाय भी गुरु ही बताता है।
इसी बीच शिष्यों ने आरती उतार कर गुरु को नमन किया और पंजाब के प्रसिद्ध भजन गायक परवीन लक्की ने गुरु की महिमा का गुणगान किया।
इस अवसर पर संगठन के पंजाब प्रधान विशाल शर्मा, जालंधर प्रधान वैभव शर्मा, राजू शर्मा, अशोक लूथर, पवन शूर, कृष्ण बब्बर, सोनू त्रेहन, नीरज गुप्ता, डॉली हांडा, मोहित सिक्का, लल्ली भारद्वाज, हेमंत शर्मा, अमित जैन, निशा गुप्ता, विनोद कुलकर्णी, पुष्पिंदर शर्मा, राजेश सेठ, सौरभ शर्मा, पूजा शर्मा, लीना महाजन, राकेश महाजन, लक्ष्मी शर्मा, राज कुमार कलसी, कृष्ण शर्मा, अश्वनी शर्मा, अरुण शर्मा, कांता विज, सुरिंदर तलवाड़, परमिंदर सिंह, तृप्ता शर्मा, मोनिका शर्मा, विनय शर्मा, परवीन हांडा, मोहित जैन, ईशा जैन, रानी गुप्ता, नीलू शर्मा, कुसुम जैन, संगीता गुप्ता, अवतार कौर, नीलिमा, कनिका, कंचन जैन, मोहिनी शर्मा आदि के नाम उल्लेखनीय हैं।