आत्मा एवं परमात्मा का मिलन तभी संभव है जब अज्ञान के बादल छंट जाए : श्री श्री 108 सिकंदर महाराज

जालंधर(विनोद मरवाहा)
अखिल भारतीय दुर्गा सेना संगठन की ओर से प्राचीन शिव मंदिर नजदीक दोमोरिया पुल में साप्ताहिक मां बगलामुखी यज्ञ किया गया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व संस्थापक श्री श्री 108 स्वामी सिकंदर महाराज और गुरु माता नीरज रतन सिकंदर ने अध्यक्षता की।
इस अवसर पर श्री सिकंदर जी महाराज ने कहा कि चित को प्रभु के चरणों में समर्पित करके ही जीवन को सफल बनाया जा सकता है। चित को सभी तरफ से खींचकर प्रभु के चरणों में चढ़ाना ही व्यक्ति के जीवन में सार्थकता है। परमात्मा ही भक्ति व ज्ञान का मिलन कराते हैं। मन, बुद्धि, चित को प्रभु के चरणों में समर्पित करके अपने जीवन को सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मन से सभी आशाओं का त्याग करना अर्थात अपने आप को प्रभु के समक्ष समर्पण करने के समान है। संसार में भगवान की प्राप्ति करना दुर्लभ नहीं है। उन्होंने कहा कि जब आप के अंतकरण में अज्ञान के मेघ हैं। तब तकआत्मा और परमात्मा का मिलन संभव हो ही नहीं सकता। इसलिए जीवात्मा के घट में आत्मा एवं परमात्मा का मिलन तभी संभव है जब अज्ञान के बादल छंट जाए। उन्होंने बताया किआत्मा से परमात्मा का मिलन, भक्ति, साधना और सतगुरु की कृपा से प्राप्त होता है।

श्री स्वामी जी महाराज ने कहा कि बिन गुरु के कोई भी कार्य संभव नहीं है। जब सच्चा गुरु जीवन में आता है तो आत्मा से परमात्मा का मिलन अपने आप हो जाता है।
इस हवन यज्ञ में भाग लेने वालों में संगठन के पंजाब प्रधान विशाल शर्मा, जालंधर प्रधान वैभव शर्मा, ललित महाजन, अशोक शर्मा, पवन भारद्वाज, मलकीत सिंह, लक्ष्मी शर्मा, गौरव, राकेश महाजन, लीना महाजन, अश्विनी यादव, अशोक बजाज, अनूप खुराना, विजय शर्मा, आकाश वर्मा, केवल कृष्ण, जोगिन्दर बजाज, मोहित जैन, ईशा जैन, पूजा शर्मा, राज कुमार चोपड़ा, केवल कृष्ण, हेमंत गुप्ता, केवल कृष्ण, सोम नाथ महाजन, अजय मांगो, अशोक वर्मा, संदीप चौहान, संजीव शर्मा, अरुण शर्मा, परवीन आनंद, आदि के नाम उल्लेखनीय हैं।