जीएसटी व नोटबंदी के विरोध में 8 नवंबर को इंटक करेगी संसद का घेराव

जालंधर(विनोद मरवाहा)
इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) व नोटबंदी को लेकर 8 नवंबर को नई दिल्ली स्थित संसद भवन का घेराव करेगी
यह जानकारी देते हुए इंटक के नेशनल प्रेसिडेंट दिनेश शर्मा सुंदरियाल ने बताया कि ये घेराव मजदूरों के हितों की सुरक्षा के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा की मजदूर विरोधी व जन विरोधी नीतियो से देश और सभी प्रदेशों के लोगो में अत्यधिक रोष है। प्रत्येक वर्ग अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा हैं। आज देश की आम जनता व मजदूर वर्ग त्राहि त्राहि कर रहा है। श्री शर्मा के अनुसार इसलिए आज जरूरत है कि मजदूर वर्ग के साथ साथ आम आदमी भी आगे आएं और अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ें।
इंटक के नेशनल उप प्रधान सुखबीर वालिया ने जीएसटी का विरोध व इस घेराव का समर्थन करते हुए कहा कि यदि कुल मिलाकर देखा जाये तो जीएसटी समेत सभी टैक्स नीतियों की दिशा है पूँजीपति वर्ग को करों के बोझ से जितना हो सके बचाना और पूँजीवादी राजसत्ता को संभालने का बोझ भी पहले से ही शोषित-पीडित मेहनतकश तबके पर बढाना और उसकी पहले से ही सीमित आय में इस जरिये से और भी कटौती कर देना।
श्री वालिया के अनुसार इसका नतीजा होगा पूँजीपतियों के हाथ में धन का और भी ज्यादा केन्द्रीकरण और मजदूर वर्ग की जिन्दगी में और भी ज्यादा तबाही।
इंटक के नेशनल महासचिव ऋषिकेश वर्मा ने नोटबंदी को मूर्खतापूर्ण कदम और जीएसटी की संरचना को त्रुटिपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार के दोनों फैसलों ने अर्थव्यवस्था को पूरी तरह पटरी से उतार दिया है।
श्री वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार को यह स्वीकार करना चाहिए, उसने पिछले साल उच्च मूल्य के नोटों 500 और 1000 रुपए के नोटों को चलन से बाहर कर बहुत बड़ी गलती की है। श्री वर्मा के अनुसार नोटबंदी के कारण अर्थव्यवस्था और नौकरियों को काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि इस फैसले के एक साल पूरे होने पर इंटक 8 नवंबर को काला दिवस मनाएगी।

 

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