रेडियो पर अब बीसीसी नहीं मोदी के मन की बात सुनें

जालंधर(विनोद मरवाहा)
बदलते दौर में सब कुछ बदल रहा है। एक दौर था जब रेडियो बीबीसी, बिनका गीत माला और क्रिकेट की कंमेंट्री के लिए लोग अपने साथ लेकर चलते थे। रेडियो घर-आंगन, साइकिल-बैलगाड़ी, बस-ट्रेन सर्वत्र मौजूद रहता था। समय बदला तो रेडियो सुननेवाले की कमी हो गई। दूरदर्शन से होते हुए अब डिजिटल मोड़ में हर कोई आ गया। ऐसे में इन दिनों देशभर में मोदी रेडियो बांटे जाने की खूब चर्चा हो रही है। सत्ताधारी दल के लोग मोदी सरकार के चार साल के उपलक्ष्य पर गांव-गांव में जाकर देश के सभी ग्रामीणों के बीच रेडियो बांट रहे हैं और ग्रामीणों से मोदी के मन की बात सुनने की अपील भी कर रहे हैं। अब सत्ताधारी दल के लोग कुछ करें और विपक्ष खामोश रह जाए ऐसा तो संभव नहीं। सो, विपक्षी दलवाले चुटकी लेकर कहते फिर रहे हैं लीजिए डिजिटल युग में लाने का वायदा किए थे और अब रेडिया के जमाने में पहुंचा रहे हैं, इसे ही कहते हैं अच्छे दिन की शुरूआत..।