पंजाब के नतीजों से सबक, पहले संगठन मजबूत बनाने पर जोर

नई दिल्ली (हलचल नेटवर्क)
आम आदमी पार्टी के गुजरात विधानसभा चुनाव लड़ने की संभावना नहीं है। पहले पार्टी ने चुनाव लड़ने की तैयारी की थी और गुजरात में एक बड़ी रैली कर चुनाव लड़ने का ऐलान करने की प्लानिंग थी। लेकिन पंजाब विधानसभा के नतीजों के बाद पार्टी ने फिर से विचार करने का फैसला किया।
पार्टी के गुजरात के नेता और गुजरात प्रभारी गोपाल राय के बीच मीटिंग हुई। गुजरात के नेताओं ने पार्टी के नैशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल को गुजरात की 182 विधानसभा सीटों की डिटेल रिपोर्ट भी सौंपी। सूत्रों के मुताबिक, लंबी चर्चा के बाद लगभग सभी नेता इस बात से सहमत दिखे कि अभी गुजरात विधानसभा चुनाव लड़ने की जल्दबाजी नहीं की जानी चाहिए। हालांकि फाइनल फैसला पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी की मीटिंग में लिया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, गुजरात के कुछ नेताओं ने शुरू में इस बात पर नाराजगी भी जताई कि उन्हें लोकतंत्र के पर्व चुनाव में भाग क्यों नहीं लेने दिया जा रहा है, लेकिन फिर जब चर्चा हुई और सभी स्थितियों पर विचार किया गया तो लगा कि हमें दिल्ली और पंजाब के अनुभव से सीखने की जरूरत है। साथ ही चुनाव लड़ने की जल्दबाजी करने से बेहतर है कि अभी संगठन खड़ा करने पर ही ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि अभी गुजरात में कई जगहों पर हमारा संगठन 80 पर्सेंट तैयार है तो कहीं 20 पर्सेंट। एवरेज 50 पर्सेंट है। पार्टी के मीडिया प्रभारी हर्षिल नायक ने कहा कि हमने गुजरात की 182 विधानसभाओं की डिटेल रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपी है।

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