निरंकारी भवन में आंतकी हमला के पीछे खालिस्तान आंतकियों का हाथ, गुरपतवंत सिंह पन्नू ने रची साजिश : ईशान्त शर्मा

जालंधर (विशाल कोहली )
संत निरंकारी सत्संग भवन में आंतकियों की तरफ से हुए हमले के बाद शिव सेना हिन्द की तरफ से राष्ट्रीय अध्यक्ष निशांत शर्मा के दिशानिर्देशानुसार पंजाब प्रधान ईशान्त शर्मा की अध्यक्षता में जालंधर समेत पंजाब भर के तकरीबन सभी शहरों में पाकिस्तान और खालिस्तान का पुतला फूंका गया। इस मौके पार्टी के पंजाब प्रधान ईशान्त शर्मा, दोआबा प्रधान मुनीश बाहरी, उप प्रधान मोहित वर्मा, जिला प्रधान सुमित जोशी मौजूद थे। इस मौके शिव सेनिकों ने खालिस्तान और पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस मौके पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष निशांत शर्मा ने ओर पंजाब प्रधान ईशान्त शर्मा ने कहा कि सत्संग श्रवण कर रहे निर्दोष लोगों पर हमला करना बेहद ही निंदनीय और कायराना हरकत है। उन्होंने कहा कि अलर्ट के बावजूद ऐसी हरकत हो जाना खुफिया एजेंसी पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है। खुफिया तंत्र पूरी तरह से फेल साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि अमृतसर के राजासांसी गांव स्थित निरंकारी भवन पर हुए ग्रेनेड हमले पर बेहद विवादित बयान देने वाला पंजाब से आम आदमी पार्टी के विधायक एच.एस. फुल्का ने पर देश द्रोह का मामला दर्ज करना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की है कि फुल्का के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि लगता है कि फुल्का की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।


उन्होंने कहा 1980 के दशक में सिखों और निरंकारियों के बीच के हिंसक टकराव ने ही पंजाब में आतंकवाद के खूनी दौर की शुरुआत की थी जब निरंकारियों व सिखों के बीच हिंसा ने खालिस्तान मूवमेंट को रौद्र रूप दिया और पंजाब में आतंकवाद चरम पर पहुंच गया। 13 अप्रैल 1978 को अमृतसर में ही निरंकारी मिशन के एक कार्यक्रम के दौरान निरंकारियों और सिखों के बीच हिंसक संघर्ष में 16 लोग (3 निरंकारी, 13 सिख) मारे गए।
इस घटना के बाद अकाल तख्त ने हुकमनामा जारी कर निरंकारियों को सिख धर्म से बाहर कर दिया, लेकिन हिंसा का यह दौर यहीं नहीं थमा था इस बीच सिखों ने प्रतिशोध लेने के लिए रणजीत सिंह नाम के एक कार्यकर्ता के नेतृत्व में 24 अप्रैल 1980 को निरंकारी गुरु गुरबचन सिंह की हत्या कर दी। इन दोनों हिंसाओं में आरोप भिंडारवाले पर लगे और उसके समर्थकों पर कई मुकदमे दर्ज हुए। इसके बाद पंजाब में आतंकवाद का खूनी दौर शुरू हो गया।
उन्होंने कहा कि हमे पूरा यकीन न कि निरंकारी भवन में हुए हमले में खालिस्तान आंतकियों का हाथ है।
उन्होंने कहा कि आईएसआई के इशारों से गुरवंत सिंह पन्नू पंजाब में अशांति की हिंसक आग लगाने के लिए साजिशें रच रहा है। अमृतसर हमले में भी पन्नू का हाथ हो सकता है।
उन्होंने पंजाब के लोगों से अपील की कि सभी आपसी भाईचारे को मजबूत रखते हुए आपसी प्रेम और सौहार्द को बरकरार रखें। इस मौके पर सुन्नी कलियान, रिकी लूथर, सोमा गिल, विशु आदिवन, अमति सिधु, बबल, ईशान खैरा, सीपी, रोहित, मनी, राजा, रोशन, नितीश, मनदीप, अमित, सुंदरी आदि नौजूद रहे।

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