जालंधर/ विशाल कोहली
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं वार्ड नंबर 28 के पार्षद शैरी चड्ढा ने सिविल अस्पताल जालंधर में ऑक्सीजन की भारी कमी के चलते हुई तीन मरीजों की मौत की निंदा करते हुए राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे पंजाब की जनविरोधी आप सरकार की विफलता बताया है।
पार्षद चड्ढा ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा जिस “स्वास्थ्य क्रांति” का दावा किया जा रहा था, वह केवल भाषणों और होर्डिंग्स तक सीमित निकली। उन्होंने कहा कि एक तरफ आम आदमी पार्टी की सरकार दावा करती है कि उसने स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत किया है, दूसरी तरफ सरकारी अस्पतालों में मरीज सांसों के लिए तरसते नजर आते हैं। आज यह ‘क्रांति’ त्रासदी का प्रतीक बन उभर कर सामने आई है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इन मौतों को केवल ‘दुर्घटना’ या ‘दुर्भाग्य’ बताना एक क्रूर मज़ाक है। यह सीधा-सीधा अस्पताल के अधिकारियों की घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये का परिणाम है।
श्री चड्ढा ने मांग करते हुए कहा कि जिम्मेदार अस्पताल प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कानून की संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज किया जाए।एक स्वतंत्र न्यायिक जांच बैठाई जाए जो यह स्पष्ट करे कि कौन-कौन लोग लापरवाही के लिए उत्तरदायी हैं। पीड़ित परिवारों को 20 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाए और उनके परिजनों को सरकारी नौकरी दी जाए।
उन्होंने कहा कि यदि इस गंभीर घटना पर भी कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह एक खतरनाक उदाहरण बन जाएगा कि आम आदमी की जान की कीमत भगवंत सिंह मान की सरकार में कुछ भी नहीं है ।