
जालंधर/विनोद मरवाहा
जालंधर/विनोद मरवाहा
मंडी बोर्ड व मार्किट कमेटी के नाक तले मकसूदां फल-सब्जी मंडी में पार्किंग ठेकेदार द्वारा खेला जा रहा अवैध वसूली का गंदा खेल बदस्तूर जारी है। आरोप नहीं हकीकत है कि ठेकेदार निर्धारित दरों से ज्यादा पैसे वसूल रहा है और विरोध करने पर ठेकेदार के कर्मचारी दुर्व्यवहार और मारपीट भी करते हैं। इससे एक बात तो शीशे की तरह साफ़ है कि यह एक संगठित अवैध वसूली का मामला है। कई बार, लोग अवैध वसूली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी कर चुके हैं लेकिन फिर भी यह गंदा खेल बिना किसी डर के खुलेआम दिन के उजाले में खेला जा रहा है। पार्किंग ठेकेदार की मनमानी से किसान व छोटे व्यापारी और अब आढ़ती भी परेशान हो चुके हैं। इस सारे मामले को लेकर मंडी बोर्ड व मार्किट कमेटी की चुप्पी आपसी मिलीभगत की और इशारा करती दिखाई दे रही है।
ताजा मामला आज का है जब पीड़ित ने बताया कि उसने अपना कारोबार करने के लिए मंडी में 650 नंबर का नया अड्डा लिया है।
इस के एवज में पार्किंग ठेकदार द्वारा सरकारी फीस तीन हजार के बदले उससे 4500 रुपए जबरन लिए गए हैं जबकि उसे रसीद तीन हजार की ही दी गई है। रसीद कम पैसों की होने सबंधी पूछने पर ठेकेदार ने बताया कि नया अड्डा लेने पर 4500 रुपए ही लिए जाते हैं।
यह समस्या न केवल मंडी में आने वाले लोगों के लिए, बल्कि मंडी के सुचारू कामकाज के लिए भी एक चुनौती है, इसलिए इस पर मंडी बोर्ड व मार्किट कमेटी के जिम्मेदारों को तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।












































