
जालंधर/विनोद मरवाहा
सरकारी अधिकारियों की बेईमानी, भ्रष्टाचार की खबरें पढ़-पढ़कर मन दुखी हो जाता था लेकिन इन सबके बीच जालंधर के निगम कमिश्नर, एडिशनल कमिश्नर आदि के खिलाफ हाईकोर्ट में PIL दाखिल करने की तैयारी का सोशल मीडिया में छाया समाचार सकून देने वाला है।
स्थानीय भगत सिंह चौक समीप धन-धन गुरु रामदास स्वीट की अवैध रूप से बनी कामर्शियल इमारत का मामला मीडिया के गलियारों में हॉट केक जैसा बना हुआ है। दबी जुबान में आरोप लगाया जा रहा है कि निगम अफसरों की मिलीभगत व भ्रष्टाचार के चलते पांच दुकानों को गिराकर पूरी कामर्शियल इमारत खड़ी कर दी गई, जिससे सरकार को लाखों रुपए का चूना लगा है।
घर का भेदी ने ही ढा दी पूरी लंका
हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने की तैयारी कर रहे तरविंदर सिंह ने कहा है कि प्रताप बाग के पास धन-धन गुरु रामदास स्वीट की कामर्शियल इमारत को लेकर नगर निगम से आरटीआई के जरिए जानकारी मांगी गई थी। जिसमें नगर निगम के सबंधित अधिकारी ने यह कह कर अपने घर की ही लंका ढा दी कि इस संबंध में कोई नक्शा और एनओसी या सीएलयू उनके दफ्तर से जारी नहीं किया गया है। अब आरटीआई का जवाब मिलने के बाद तरविंदर सिंह नगर निगम के कमिश्नर गौतम जैन सहित कई अफसरों के खिलाफ जनहित याचिका दायर करने जा रहे हैं।
क्या कहना है कानूनी जानकारों का
कानूनी जानकारों का कहना है कि इस मामले में माननीय हाईकोर्ट कार्रवाई करते हुए पंजाब सरकार को इस पूरे मामले में दोषी पाए जाने वाले नगर निगम अधिकारियों को निलंबित करने की सिफारिश कर सकता है।












































