
जालंधर/विशाल कोहली
पंजाब सरकार ने पिछले तीन वर्षों में “मिशन रोजगार” के तहत 55,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देकर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि अपने आप में बड़ी है और इसने पंजाब को देश का पहला ऐसा राज्य बना दिया है जिसने इतने बड़े पैमाने पर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पूरी की है।
यह बात आम आदमी पार्टी पंजाब के सीनियर नेता सुनील अरोड़ा टीटू ने हलचल पंजाब के साथ एक विशेष भेंटवार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की यह उपलब्धि युवाओं के लिए आशा की किरण है। लंबे समय से पंजाब में बेरोज़गारी एक गंभीर चुनौती रही है। नौजवानों का विदेशों की ओर पलायन, नशे की चपेट और अवसरों की कमी हमेशा चिंता का कारण रहे हैं। ऐसे माहौल में यदि किसी सरकार ने रोजगार सृजन की दिशा में ठोस कदम उठाया है तो इसे निश्चित रूप से सराहनीय पहल कहा जाएगा, वहीं यह भी स्वीकार करना होगा कि यह एक शुरुआत है, अंत नहीं। उन्होंने कहा कि इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि पंजाब सरकार की यह पहल युवाओं में विश्वास जगाती है। लंबे समय से नौकरी के लिए राजनीतिक सिफारिश और भ्रष्टाचार का आरोप लगता रहा है। इस बार जिस पारदर्शी तरीके से बिना सिफ़ारिश और बिना भ्रष्टाचार के युवाओं को नौकरी दी गईं, वह प्रशासनिक व्यवस्था में भी विश्वास पैदा करता है। साथ ही यह संदेश भी जाता है कि मेहनत और योग्यता का सम्मान हो रहा है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की यह उपलब्धि युवाओं के लिए आशा की किरण है। युवाओं को नौकरी दिलाना मुख्यमंत्री माननीय भगवंत सिंह मान का सबसे बड़ा वादा था और उन्होंने उसे निभाया भी। श्री अरोड़ा के अनुसार भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और योग्यता आधारित रही। जांकारी के अनुसार शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस व सुरक्षा बल, प्रशासनिक व अन्य विभागों में रिक्त पदों को भरा गया है और यह मिशन रोजगार आगे भी जारी रहेगा।












































