You are currently viewing कोरोना संक्रमण को देखते हुए न्यायालय को बंद करने व 10 हजार आर्थिक सहायता देने की मांग

कोरोना संक्रमण को देखते हुए न्यायालय को बंद करने व 10 हजार आर्थिक सहायता देने की मांग

 

जालंधर(हलचल नेटवर्क)
जिला बार एसोसिएशन रांची के प्रशासनिक संयुक्त सचिव पवन रंजन खत्री ने एसोसिएशन के अध्यक्ष व महासचिव को पत्र लिखकर मांग की है कि वर्तमान परिस्थिति और हालात को देखते हुए फिलहाल अभी अधिवक्ता एवं उनके परिवारों को ध्यान में रखते हुए न्यायालय के कार्य को पूर्ण रूप से चाहे वह वर्चुअल हो या फिजिकल बंद रखना चाहिए। अभी यह महामारी बहुत तेजी से बढ़ रही है और इसके संक्रमण की कड़ी को तोड़ने के लिए पूर्ण रूप से न्यायालय को कम से कम 25 मई तक बंद रखना चाहिए ताकि इस संक्रमण की कड़ी को रोका जा सके और अधिवक्ताओं एवं उनके परिवारों की सुरक्षा की जा सके।
इस महामारी में हम सभी अपने कई अधिवक्ता बंधुओं को खो चुके हैं और आगे खोना नहीं चाहते हैं। इसी के लिए सब लोगों को एकमत होकर पूरे न्यायिक कार्य से अलग रहना चाहिए। साथ ही सभी की आर्थिक स्थिति को देखते हुए अधिवक्ताओं को कम से कम बार काउंसिल की ओर से 10000 रुपये की आर्थिक सहयोग करें ताकि अधिवक्ता अपने परिवार का पालन कर सकें। इस संक्रमण से मुक्ति हेतु न्यायालय में जिस तरीके का वैक्सीनेशन किया जा रहा था, उसकी व्यवस्था सुचारू रूप से कराई जाए ताकि अधिवक्ता अपने परिवार के साथ वैक्सीन ले सकें।