
जालंधर/ विशाल कोहली
नगर निगम चुनाव हार चुके कई नेताओं को सत्ता का मोह अभी तक छोड़ ही नहीं रहा है, यह इन चुनावों की खास उपलब्धि रही। जीतने से ज्यादा हारने वाले आज राजनीति में सक्रिय नजर आ रहे हैं। महात्मा गांधी ने भी एक बार टिप्पणी की थी कि राजनीति ने हमें सांप की कुंडली की तरह जकड़ रखा है और इससे जूझने के सिवाय कोई अन्य रास्ता नहीं है।
कुछ ऐसा ही हाल है जालंधर वेस्ट के एक नेता का। नगर निगम चुनाव में मिली करारी हार के बाद भी पार्टी की गतिविधियों में बिन बुलाए मेहमान की तरफ घुस जाना इनकी पुरानी आदतों में शुमार है। कांग्रेस में रहते हुए भी इनका यही हॉल था अब जबकि झाड़ू थामने के बाद इनका यह शौक हिमालय की बुलंदियों पर है। अब यह महाशय आप पार्टी के तीन प्रभावशाली पार्षदों के साथ गुजरात में पार्टी को मजबूत्त करने के लिए हवाई यात्रा का स्वाद लेने के लिए रवाना हो गए हैं जो उनकी राजनीतिक समझ पर सवालिया निशान खड़े कर रहा है।
यह जगजाहिर है कि जिस वार्ड से महाशय खुद नगर निगम चुनाव लड़े थे, वहां आम आदमी पार्टी हिचकोले खा रही है और दिन पर दिन कमजोर होती जा रही है। इससे बड़े शर्म की बात और क्या हो सकती है कि उनकी बचकानी हरकतें बदस्तूर जारी हैं लेकिन उन्हें कोई रोकने तो दूर, टोकनेवाला भी नहीं मिला।
ऐसे में जहन में यह सवाल आना स्वाभाविक है कि जो नगर निगम का चुनाव खुद नहीं जीत पाए वो भला पार्टी को क्या मजबूती देंगें।












































