
जालंधर स्पोर्ट्स हब पर संकट के बादल
जालंधर/विनोद मरवाहा
जालंधर में बनने जा रहे बहुप्रतीक्षित स्पोर्ट्स हब प्रोजेक्ट पर अब ग्रहण लगने की आशंका गहराती दिख रही है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रोजेक्ट स्थल पर हो रही बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई को लेकर गंभीर रुख अपनाया है।
अदालत ने स्पष्ट कहा है कि विकास परियोजनाओं के नाम पर पर्यावरण से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों से जवाब तलब किया है।
हाईकोर्ट की फटकार सुनते ही अफसरों के पसीने छूट गए। अब सवाल ये है कि – खिलाड़ियों को मैदान में दौड़ने का मौका मिलेगा या कोर्टरूम में सरकारी वकीलों को पसीना बहाने का? जनता की जुबान पर एक ही सवाल है “क्या यह स्पोर्ट्स हब होगा… या पेड़ों की समाधि स्थल?”
पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने भी आवाज बुलंद करते हुए कहा कि जालंधर जैसे प्रदूषण प्रभावित शहर में हरे-भरे पेड़ों की बलि देना आने वाली पीढ़ियों के साथ अन्याय होगा।
इस बीच खेल प्रेमियों को चिंता है कि यदि कानूनी पेच फंसते रहे तो वर्षों से प्रतीक्षित स्पोर्ट्स हब का सपना अधूरा रह सकता है।












































