जीएसटी से घटेगा सोने से रुझान

जालंधर (विनोद मरवाहा)
जीएसटी लागू होने के बाद सोने से रुझान कम होने के कयास लगाए जा रहे हैं। नए आभूषण खरीदना तो महंगा पड़ेगा साथ ही ग्राहकों के लिए पुरानी ज्वैलरी बेचना भी अब पहले की तरह आसान नहीं होगा। एक जुलाई से जीएसटी आना प्रस्तावित है। हाल में जीएसटी काउंसिल द्वारा सोने पर नियमावली बनाई गई है ,  इस कीमती धातु में निवेश कम होने के आसार बन रहे हैं।
एक नामी सीए का कहना है कि ग्राहकों को सोना खरीदने के लिए तीन फीसद जीएसटी देना होगा। इसके अलावा ग्राहक अगर पुरानी ज्वैलरी देकर नई ज्वैलरी लेना चाहता है तो नई ज्वैलरी की कीमत पर टैक्स देना होगा। जबकि अभी तक पुरानी और नई ज्वैलरी की कीमत के अंतर पर ही टैक्स देना पड़ता है।
ग्राहकों की ली जाएगी डिटेल:
सीए के मुताबिक कारोबारी को पुरानी ज्वैलरी खरीदने पर रिवर्स चार्ज भी जमा करना होगा। हालांकि इसका क्रेडिट बाद में मिल जाएगा। मगर, यह तभी मिलेगा जब ग्राहकों की डिटेल हो। इसकी जानकारी सरकार भी देनी होगी। यानि सारा काम आॅन पेपर होगा। इससे कागजी कार्यवाही में इजाफा होगा। इधर ग्राहक भी अपनी पहचान देने से बचेंगे।
रिकॉर्ड नहीं रखते कारोबारी:
ज्यादातर कारोबारी पुरानी ज्वैलरी खरीदने का रिकॉर्ड नहीं रखते हैं, लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद उन्हें यह मैंटेन करना होगा और उसकी सूची विभाग में भी अपलोड करनी होगी।
कागजी कार्यवाही में आएगी दिक्कत: अधिकतर सराफा कारोबारियों को कम्प्यूटर का ज्ञान नहीं है। जबकि जीएसटी में सारा कार्य आॅनलाइन होने वाला है। ऐसे में काफी दिक्कत बढ़ेगी। कारोबारियों के मुताबिक अब मेकिंग चार्ज पर 18 फीसद जीएसटी लगेगा। इससे बिक्री प्रभावित होगी। इसके अलावा कारोबारी जहां माल बनवाते हैं उसकी भी डिटेल देनी होगी। नहीं है। जबकि जीएसटी में सारा कार्य आॅनलाइन होने वाला है। ऐसे में काफी दिक्कत बढ़ेगी।