जस्टिस कर्नन गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं और हो सकता है कि वह देश छोड़ चुके हों।

कोलकाता(हलचल नेटवर्क)
अवमानना मामले में दोषी करार दिए गए कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सीएस कर्नन की सजा पर सुप्रीम कोर्ट पुनर्विचार करेगा। जस्टिस कर्नन को छह माह की सजा सुनाई गई है। कर्नन के अधिवक्ता मैथ्यूज जे. नेदुम्परा की ओर से दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर ने कहा कि सजा सुनाने वाली पीठ इस पर पुनर्विचार करेगी। जस्टिस खेहर ने अधिवक्ता से पूछा कि कर्नन अभी कहां हैं, जिस पर उन्होंने बताया कि वह चेन्नई में ही हैं।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से ही जस्टिस कर्नन का कोई पता नहीं है। पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की पुलिस उन्हें अब तक तलाश नहीं पाई है। इस बीच कोलकाता पुलिस ने जस्टिस कर्नन के देश छोड़ने का अनुमान जताया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक 11 मई की सुबह जस्टिस कर्नन भारतीय सीमा पार कर अन्य देश में प्रवेश कर चुके हैं।
जस्टिस कर्नन के विश्वसनीय एवं उनके कानूनी सलाहकार डब्ल्यू पीटर रमेश कुमार ने कहा कि जस्टिस कर्नन गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं और हो सकता है कि वह देश छोड़ चुके हों। वह नेपाल अथवा बांग्लादेश जा सकते हैं। उन्होंने जस्टिस कर्नन के नए ठिकाने के बारे में कुछ भी पता होने से इन्कार करते हुए कहा कि जस्टिस कर्नन न्याय मिलने तक आत्मसमर्पण नहीं करेंगे।