अखिल ब्रह्माण्ड के नायक, परिचालक, उत्पादक और संहारक हैं भगवान श्री कृष्ण: साध्वी वैष्णवी भारती

अखिल ब्रह्माण्ड के नायक, परिचालक, उत्पादक और संहारक हैं भगवान श्री कृष्ण: साध्वी वैष्णवी भारती
विश्वास हो तो इस नाम-जप के प्रभाव से सब कुछ हो सकता है: संदीप रहेजा लक्की
जालंधर (विशाल कोहली)
श्री कृष्णा वेलफेयर सोसाइटी द्वारा श्री महालक्ष्मी मनीर, जेल रोड में आयोजित श्रीमद भागवत महापुराण कथा के द्वितीय चरण मे विश्व विख्यात भागवत भास्कर साध्वी सुश्री वैष्णवी भारती ने कहा कि भगवान का नाम उन परमात्मा का वाचक है जो अखिल ब्रह्माण्ड के नायक, परिचालक, उत्पादक और संहारक हैं। ‘भगवान’ शब्द समस्त ऐश्वर्य, धर्म, यश, श्री, ज्ञान और वैराग्य का संकेत करता है। अत: भगवान में अनन्त ब्रह्माण्डों के अनन्त जीवों का ज्ञान, उनके अनन्तानन्त कर्मों का ज्ञान, अनन्तानन्त कर्मों के फलों का ज्ञान और उन कर्मफलों को देने की सामर्थ्य है।
साध्वी जी ने कहा कि नाम-संकीर्तन उस परमपिता के प्रति अभिवादन है, उसके अमित उपकारों की स्वीकारोक्ति है और उसके प्रति कृतज्ञता-ज्ञापन है। यह दीनता का प्रदर्शन है, गरीब की गुहार है और शरणागतभाव की अभिव्यक्ति है।
कथा के दौरान श्री दीपक बाली बतौर मुख्यातिथि के रूप मे शामिल हुए। उन्होंने श्री कृष्णा वेलफेयर सोसाइटी द्वारा करवाए जा रहे श्रीमद भागवत महापुराण कथा के आयोजन की बधाई देते हुए कहा कि सभी को अपने बजुर्गो का सम्मान करना चाहिए क्योकि बजुर्गो के बिना परिवार अधूरे है।
मंच का संचलन करते हुए कृष्णा वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान श्री संदीप रेहजा लक्की ने कहा कि यह समय का सदुपयोग है जिसमें भक्त स्वयं को समर्पण कर अपने अहंकार को नकारता है। उन्होंने कहा कि कलियुग में भगवान श्रीकृष्ण के कीर्तन को प्रधानता दी गई है। कलियुग में तो संसार-सागर से पार उतरने के लिए एकमात्र भगवान का नाम ही सुदृढ़ नौका है। लगन हो, रटन हो और नाम पर विश्वास हो तो इस नाम-जप के प्रभाव से सब कुछ हो सकता है।
इस अवसर पर संदीप रहेजा लकी, कृष्णा रहेजा, कमल मेहता, अश्वनी आशु कीर्ति जैन, विशाल सोनी प्रदीप खुल्लर, प्रमोद सिक्का,आनंद दुग्गल, दविंदर साहनी, पियूष साहनी, रमेश सहगल, अनिल शर्मा, सन्नी अदि विशेष रूप से उपस्थित थे।