
जालंधर(अमित अलवादी)
पंजाब सरकार स्कूली बच्चों की सेफ्टी के लिए सरकार अब गंभीर दिखती नजर आ रही है। सरकार ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि सूबे के सभी प्राइवेट स्कूल, जो कि अपने स्टूडेंट्स को स्कूल वैन की सुविधा प्रदान करवाते हैं, प्रबंधक को अपने स्कूल बस या फिर वैन में चालक रखने से पहले उसकी संबंधित थाने से पुलिस वेरीफीकेशन करवानी होगी।
इस संबंधी पंजाब स्टेट कमीशन फार द प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड के चेयरमैन की तरफ से लिखित आदेश राज्य के सभी स्कूल मुखियों को जारी कर दिए हैं।
गौर हो कि कुछ असामाजिक तत्व स्कूल बस के चालक बने हुए हैं, जिसके चलते स्कूली बच्चों की सुरक्षा दाव पर लगी हुई है। सूत्रों कि मानें तो कमीशन के पास कुछ इस तरह की शिकायतें मिली हैं कि कुछ स्कूल वाहन चालक ड्रग का इस्तेमाल करते हैं या फिर उनकी सप्लाई करने में अपना योगदान डालते हैं। कई जगहों से स्कूल चालकों द्वारा छात्रओं के साथ छेड़छाड़ की शिकायतें भी कमीशन को मिली हैं। इसके अलावा स्कूल प्रबंधकों को यह भी निर्देश जारी हुए है कि चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस का होना भी बेहद जरूरी है। बिना लाइसेंस के अगर कोई वाहन चालक पकड़ा गया तो उसके खिलाफ एक्शन तो विभाग लेगा, वहीं स्कूल प्रबंधक के खिलाफ भी एक्शन लिया जाएगा। कमीशन के चेयरमैन ने सभी जिला शिक्षा अधिकारीयों को कहा है कि वह स्कूली वाहन चालकों की वेरीफीकेशन को यकीनी बनवाए।












































