
उज्जैन (हलचल नैटवर्क)
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का सिर कलम करने वाले को एक करोड़ रूपये का इनाम देने की घोषणा करने से विवादों में आये आरएसएस के पदाधिकारी कुंदन चंद्रावत को संघ ने संगठन की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है। आरएसएस के प्रांत संघचालक प्रकाश शास्त्री ने यहां जारी एक बयान में कहा, ‘‘चंद्रावत के बयान से संघ के बारे में भ्रम फैल गया है। इसलिए उन्हें उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त किया जा रहा है।’’
इस बीच चंद्रावत ने अपना विवादास्पद बयान वापस लेते हुए कहा, ‘‘स्वयंसेवकों की हत्याओं से अत्यंत दुखी होकर मैंने इस तरह के भाव व्यक्त किये थे। मैं अपना वक्तव्य वापस लेता हूं और उस पर खेद प्रकट करता हूं।’’ एक सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘मुझे भी फेसबुक पर धमकियां मिल रही हैं, अपशब्द कहे जा रहे हैं। कुछ फोन भी केरल से आये हैं, जिनमें मुझे जान से मारने की धमकी दी गयी है।’’ चंद्रावत ने कहा कि धमकियां देने वालों के खिलाफ आगे वह क्या कार्रवाई करें इस बारे में गंभीरता से विचार कर रहे हैं। फिलहाल उन्होंने इस संबंध में पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं करायी है। आरएसएस के पदाधिकारी की विजयन का सिर कलम करने पर एक करोड़ रूपये के इनाम की घोषणा ने देश में एक विवाद छेड़ दिया। हालांकि, संघ, माकपा और कांग्रेस ने इसकी निंदा की।
चंद्रावत को एक वीडियो क्लिप में यह कहते देखा गया, ‘‘केरल के मुख्यमंत्री आरएसएस कार्यकर्ताओं की हत्या कर रहे हैं, जो इस देश को आगे ले जाना चाहते हैं। उनका (विजयन) सिर कलम करने वाले व्यक्ति को मैं एक करोड़ रूपया दूंगा, चाहे मुझे अपना मकान ही क्यों ना बेचना पड़े।’’ उन्होंने कहा, ‘‘300 बेकसूर लोग (आरएसएस से जुड़े) मार दिए गए लेकिन केरल के मुख्यमंत्री ने इसके प्रति आंखें मूंद ली।’’ उन्होंने कहा, ‘‘क्या हिंदुओं के खून में कोई साहस नहीं है ? मैं, डॉ. कुंदन चंद्रावत इस मंच से घोषणा करता हूं कि मेरे पास जो मकान है वही एक करोड़ रूपये से अधिक का है और मुझमें कुव्वत है। उनका (विजयन का) सिर कलम करने वाले और उसे मेरे पास लेकर आने वाले को मैं यह (मकान) हस्तांतरित कर दूंगा।’’ हालांकि, आरएसएस ने चंद्रावत की टिप्पणी से जल्द ही अपनी दूरी बना ली।












































