
नई दिल्ली(हलचल नैटवर्क)
अक्सर लोग धूम्रपान की आदत नहीं छोड़ पाने की वजह से परेशान रहते हैं, मगर डॉक्टरों का कहना है कि इसे केवल पांच मिनट में छोड़ा जा सकता है। डॉक्टरों के अनुसार धूम्रपान की इच्छा केवल पांच मिनट ही रहती है। अगर इन पांच मिनट में इंसान खुद को किसी काम में व्यस्त कर ले तो इस लत पर लगाम लगाया जा सकता है।
ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे इंडिया द्वारा वर्ष 2009-10 में किए सर्वे के अनुसार देश में करीब 35 प्रतिशत लोग किसी न किसी रूप में तम्बाकू का सेवन करते हैं। इनमें से धुम्रपान करने वालों का औसत करीब 9 प्रतिशत है। जबकि बिना धुंए वाले तम्बाकू का प्रयोग करने वालों का औसत करीब 21 प्रतिशत है। वहीं पांच प्रतिशत लोग ऐसे भी होते हैं जो दोनों ही प्रकार के तम्बाकू का सेवन करते हैं।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल के अनुसार तम्बाकू सेवन कोरोनरी दिल के रोगों और स्ट्रोक का खतरा चार गुणा तक बढ़ा देता है। वहीं इससे फेफड़े के कैंसर का खतरा 25 गुणा तक बढ़ जाता है। इससे निकलने वाला निकोटीन खून में मिलकर अन्य रोगों को भी दावत देता है। डॉ. अग्रवाल के अनुसार तम्बाकू सेवन जीवन की गुणवत्ता और रोग प्रतिरोधक क्षमता कम कर देता है।












































