
नई दिल्ली(हलचल नेटवर्क)
सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के कठुआ में बच्ची से गैंगरेप और हत्या के मामले को पंजाब के पठानकोट ट्रांसफर कर दिया है. साथ ही कहा है कि मुकदमे की सुनवाई अदालत के बंद कमरे में होनी चाहिए. शीर्ष अदालत ने मामले में किसी देरी से बचने के लिये दैनिक आधार पर फास्ट ट्रैक सुनवाई करने का भी निर्देश दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ”मामला उसके पास है. कोई और अदालत इस संदर्भ में आदेश पारित नहीं करेगी. मामले में पीड़ित के परिजनों और उसके मामले की पैरवी कर रही वकील की सुरक्षा बरकरार रहेगी.” कोर्ट ने केस की सुनवाई पर लगाई गई रोक भी हटा ली. सुप्रीम कोर्ट ने 27 अप्रैल को मुकदमे पर रोक लगा दी थी. अदालत ने यह रोक आरोपियों से मुकदमे को चंडीगढ़ स्थानांतरित करने की याचिका पर जवाब देने को लेकर लगाई थी.
पाड़ित परिवार ने केस को जम्मू-कश्मीर से अलग दूसरे राज्य में ट्रांसफर करने की मांग की थी. जम्मू-कश्मीर सरकार केस को ट्रांसफर करने का विरोध कर रही थी. सरकार की दलील थी की उसके पास एक अलग दंड संहिता है और मुकदमे के स्थानांतरण (ट्रांसफर) से गवाहों को असुविधा होगी.
खानाबदोश बकरवाल मुस्लिम समुदाय की एक बच्ची 10 जनवरी को अपने घर के पास से लापता हो गई थी और एक सप्ताह बाद उसका शव उसी इलाके में मिला था. गांव के ही एक मंदिर में एक सप्ताह तक उसके साथ कथित तौर पर छह लोगों ने बलात्कार किया. पीड़िता की हत्या करने से पहले नशीला पदार्थ देकर उसके साथ कई बार बलात्कार किया गया था. इस घटना के बाद से पूरे भारत में रोष देखने को मिला.












































