
जालंधर/विनोद मरवाहा
पद्मश्री परगट सिंह, विधायक एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव ने हिमाचल प्रदेश में नशे की समस्या के लिए पंजाब को जिम्मेदार ठहराने वाले सांसद कंगना रनौत के बयान की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे न केवल तथ्यहीन, बल्कि भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा बताया, जिसमें वह गैर-भाजपा शासित राज्यों को बदनाम कर रही है, विशेषकर पंजाब को। नाराजगी जताते हुए परगट सिंह ने कहा कि यह सिर्फ अज्ञानता ही नहीं, बल्कि जानबूझकर किया गया अपमान है। हिमाचल में फैले नशे के लिए पंजाब को दोष देना बीजेपी की घिसी-पिटी रणनीति है। जहां खुद की विफलताओं को छुपाने के लिए दूसरों को निशाना बनाया जाता है। कंगना की मानसिकता हमेशा से ही पंजाब और पंजाबियों के खिलाफ रही है। इतने गंभीर मुद्दे पर इस तरह के बयान देना उनकी कम अकल को दर्शाता है।
नशा एक राष्ट्रीय संकट है, सिर्फ पंजाब का मुद्दा नहीं
परगट सिंह ने ज़ोर देकर कहा कि भारत में ड्रग तस्करी एक राष्ट्रीय समस्या है, लेकिन बीजेपी सुविधा के अनुसार पंजाब और उनके जैसे गैर-भाजपा राज्यों को दोषी ठहराती है। बीजेपी का मकसद समाधान नहीं, बल्कि सुर्खियां बटोरना और विपक्षी राज्यों को बदनाम करना है। जहां जहां उनकी सरकार नहीं है, वहां नशे की बात होते ही वे झूठे आरोप लगाने लगते हैं। लेकिन जहां गुजरात जैसे राज्यों से ड्रग्स की खेप पकड़ी जाती है, वहां सब चुप हो जाते हैं।
गुजरात पोर्ट बना है नशे का मुख्य रास्ता
परगट सिंह ने सवाल उठाते हुए पूछा कि 21000 करोड़ रुपए से अधिक की ड्रग्स गुजरात के बंदरगाहों से पकड़ी जा चुकी है। क्या कंगना रनौत और बीजेपी में इतनी हिम्मत है कि वे प्रधानमंत्री मोदी या गुजरात सरकार से जवाब मांग सकें?
उन्होंने आगे कहा कि जब वोट लेने होते हैं तो पंजाब की कुर्बानियां याद आती हैं। लेकिन जब जवाबदेही की बात आती है तो सबसे पहले पंजाब को बदनाम किया जाता है। यही तो बीजेपी का असली चरित्र और राजनीतिक अवसरवाद है।
पंजाब स्रोत नहीं, बल्कि पीड़ित है
परगट सिंह ने कहा कि पंजाब खुद नशे की त्रासदी का शिकार है, उसका स्त्रोत नहीं है। हमारे युवा बर्बाद हो रहे हैं, परिवार टूट रहे हैं। पूरा राज्य इस जहर के खिलाफ रोज़ जंग लड़ रहा है। जमीन पर भी और अदालतों में भी। ऐसे में पंजाब को दोष देना सरासर अन्याय है
कंगना रनौत को माफ़ी मांगनी चाहिए
परगट सिंह बोले- सांसद कंगना रनौत को तुरंत बयान वापस लेकर पंजाब की जनता से सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगनी चाहिए। कंगना अधूरे और आधारहीन तथ्यों से पंजाबियों के अक्स को खराब कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी वाकई राष्ट्रीय एकता में विश्वास रखती है, तो उसे पंजाब और अन्य गैर-भाजपा शासित राज्यों को झूठे आरोपों से निशाना बनाना बंद करना होगा। यह सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि देश की एकता, सच्चाई और पंजाब के सम्मान का सवाल है।











































