
पंजाब के अनुसूचित जाति समाज के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार के व्यापक प्रयास, जारी किए करोड़ों रुपये : विजय सांपला
जालंधर/ आशु घई
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री विजय सांपला ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पंजाब के अनुसूचित जाति समुदायों के कल्याण के लिए शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता, ग्रामीण विकास और स्वास्थ्य सहायता सहित कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। वह भगवान वाल्मीकि जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे।
योजनाओं के लिए अनुदान –
विजय सांपला ने बताया कि प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत 2022-23 से 2025-26 के दौरान पंजाब को ₹173.69 करोड़ जारी किए गए, जिनमें 2025-26 के ₹90.94 करोड़ शामिल हैं। वहीं, 2026-27 में अब तक ₹17.80 करोड़ अतिरिक्त जारी किए गए हैं।
इसी प्रकार, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 3,763 गांवों की पहचान की गई, जहां पांच लाख से अधिक अनुसूचित जाति के लोग रहते हैं। अक्टूबर 2026 तक 327 गांवों को आदर्श ग्राम बनाया जा चुका है। इस योजना का विस्तार 11 राज्यों में 1,500 अन्य अनुसूचित जाति-बहुल गांवों तक किया गया है।
*विद्यार्थियों के लिए योजनाएं –
उन्होंने कहा कि पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत 2020 से 2023 के दौरान 3.69 लाख और प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत 5.07 लाख पंजाबी विद्यार्थियों को लाभ मिला। वर्ष 2024-25 में 2,05,605 विद्यार्थियों के लिए ₹322.44 करोड़ और 2025-26 में 1,63,066 विद्यार्थियों के लिए ₹333.37 करोड़ पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के रूप में जारी किए गए। प्री-मैट्रिक योजना के तहत 2025-26 में 1,25,119 विद्यार्थियों के लिए ₹26.47 करोड़ जारी किए गए।
SHRESHTA योजना के तहत 108 विद्यार्थियों ने आवासीय स्कूलों में दाखिला लिया, जबकि डॉ. अंबेडकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तहत केंद्रीय विश्वविद्यालय पंजाब के लिए 100 लाभार्थियों हेतु ₹1.04 करोड़ मंजूर किए गए।
उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति के उद्यमियों की पांच कंपनियों को वेंचर कैपिटल फंड के तहत ₹19.40 करोड़ मंजूर किए गए और ₹19.25 करोड़ वितरित किए गए। NSFDC के माध्यम से 21,756 व्यक्तियों को लाभ मिला और 2025-26 में 1,553 लाभार्थियों को ₹24.31 करोड़ दिए गए। स्टैंड-अप इंडिया योजना के तहत 388 अनुसूचित जाति खातों के लिए ₹76.41 करोड़ मंजूर किए गए। पीएम-दक्ष, विश्वास और डॉ. अंबेडकर मेडिकल एड योजनाओं के माध्यम से भी प्रशिक्षण, ब्याज राहत और उपचार के लिए सहायता प्रदान की गई।
*सीवर कर्मियों के लिए कार्यक्रम –
वाल्मीकि समुदाय के संबंध में उन्होंने कहा कि अमृतसर स्थित भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल के लिए ₹6.40 करोड़ की केंद्रीय सहायता दी गई। स्वच्छता उद्यमी योजना के तहत ₹7.92 करोड़ की सहायता से 22 पे-एंड-यूज शौचालयों और 22 सफाई वाहनों को सहयोग मिला। नमस्ते योजना के तहत पंजाब में 4,465 सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों और 3,765 कचरा संग्रहकर्ताओं का पंजीकरण हुआ। चिह्नित 231 मैनुअल स्कैवेंजरों को नकद सहायता, 62 को प्रशिक्षण और 46 को पूंजीगत सब्सिडी मिली। वर्ष 2025-26 में सीवर दुर्घटनाओं में हुई मौतों के तीन मामलों में प्रत्येक के लिए ₹37 लाख मुआवजे की सुविधा प्रदान की गई। पंजाब में 2022-24 के दौरान 494 सफाई कर्मियों को प्रमाणित किया गया और 256 को रोजगार मिला। वर्ष 2020-24 के दौरान पीएम-दक्ष योजना के तहत 8,892 व्यक्तियों को प्रशिक्षण दिया गया।
*महर्षि वाल्मीकि के नाम पर हवाई अड्डा –
श्री सांपला ने कहा कि 104वें संविधान संशोधन अधिनियम के माध्यम से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों की व्यवस्था को 25 जनवरी 2030 तक बढ़ाया गया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने अनुसूचित जाति समुदाय को सम्मान और अवसरों से जोड़ने का काम किया है। अयोध्या के हवाई अड्डे का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखना इस सम्मान का उदाहरण है। उन्होंने बताया कि वह स्वयं 2014-19 के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री और 2021-23 के दौरान राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रहे, जबकि सोम प्रकाश ने 2019-24 के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में सेवाएं दीं।












