
लुधियाना (हलचल पंजाब)
पुलिस ने जिस युवा हिन्दू नेता को ज्यादा सुरक्षा कर्मी लेने के लिए अपने ऊपर गोलियां चलवाने का नाटक रचने के आरोप में गिरफ्तार किया था अब उसी अमित आरोड़ा का मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी ( एनआईए ) ने अपने हाथ में ले लिया है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री सुशील वोध की एक स्थानीय अदालत नें यह मामला एनआईए की मोहाली स्थित अदालत को ट्रांसफर कर दिया है। टारगेट किलिंग के इस मामले की अगली सुनवाई 16 जनवरी को होगी। एनआईए को गिरफ्तार किये गये दो शार्पशूटरों नें पूछताछ के दौरान बताया कि उन्होंने ही 3 फरवरी, 2016 को अमित आरोड़ा को उस समय गोली मारी थी, जब वह बस्ती जोधेवाल चौक में अपनी कार में बैठकर कुछ खा रहा था। उसकी गर्दन और कान पर घाव के निशान भी थे, लेकिन पुलिस ने उसे और अंगरक्षक लेने के लिए स्वयं रचा नाटक करार दिया था।
अरोड़ा ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के बाद सीआईए स्टाफ में ले जाकर अमानवीय यातनाएं दी थीं ताकि वह पुलिस की कहानी से सहमति व्यक्त कर दे। इस बीच अदालत नें टारगेट शूटिंग के मामलों में कथित रूप से लिप्त शार्पशूटर शेरा और रमनदीप सिंह को टैम्पल आफ गाड चर्च के पादरी सुल्तान मसीह की हत्या के आरोप में दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है ।












































