
जालंधर(विनोद मरवाहा)
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से नशा उन्मूलन प्रकल्प बोध के अंतगर्त बूटा मंडी में हैल्थ कैंप का आयोजन किया गया जिसमें लोगों को नशा न करने के लिए प्रेरित किया गया साथ ही संस्थान के डॉकटर श्री आशुतोष महाराज जी के शिष्य डा. शशि जी के द्वारा लोगों का फ्री चैक अप भी किया गया। इस कैंप को लगाने के पीछे मुख्य कारण लोगों को नशे के बारे में जागरूक करना था।
संस्थान के डा. शशि जी ने कहा कि नशा ऐसी बीमारी है जो हमें, हमारे समाज को, हमारे देश को तेजी से निगलते जा रही है आज शहर और गांवों में पढऩे खेलने की उम्र में स्कूल और कॉलेज के बच्चे एवं युवा वर्ग मादक पदार्थों के बाहुपाश में जकड़ते जा रहे हैं। इस बुराई के कुछ हद तक जिम्मेदार हम लोग भी हैं हम अपने काम धंधों में इतना उलझ गए हैं कि हमें फुर्सत ही नहीं है ये जानने की कि हमारा बच्चा कहाँ जा रहा है, क्या कर रहा है कोई परवाह नहीं, बस बच्चों की मांगे पूरी करना ही अपनी जिम्मदारी समझ बैठे हैं। नशे की बढ़ती लत आज केवल मात्र एक सामाजिक समस्या ही नहींहै, अपितु बहुत सी अन्य सामाजिक समस्याओं का द्वार भी है। निरंतर वैज्ञानिक विकास के बावजूद आज नशे की रोकथाम हेतु दवाइयां तोउपलब्ध हैं परन्तु फिर भी नशे के प्रति लालसा से लोग अब भी जूझ रहे हैं। इससे यह सिद्ध होता है कि दवाइयों के माध्यम से केवलमात्र शरीर को ही नशा – विमुक्त बनाया जा सकता है, परन्तु हर प्रकार की लालसा के प्रवर्तक- मानव मस्तिष्क – को नहीं। अर्थात समस्या का सार है – व्यसन की उपज शरीर में नहीं अपितु मस्तिष्क से होती है। इसलिए यदि नशे की लत को खत्म करना है तो लोगों की मानसिकता को बदलना होगा।












































