द्रौपदी मुर्मू होंगी भारत की अगली राष्ट्रपति? जानिए क्यों मजबूत है दावेदारी?

नई दिल्ली (हलचल नेटवर्क)
बीजेपी के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, सुषमा स्वराज,सुमित्रा महाजन जैसे बड़े दिग्गज़ नेताओं के साथ-साथ आजकल भारत के अगले राष्ट्रपति के संभावित उम्मीदवारों में से एक नाम द्रौपदी मुर्मू का भी सामने आ रहा है, जो 18 मई 2015 से झारखंड की राज्यपाल हैं. झारखंड विधानसभा में झामुमो मुख्य विपक्षी पार्टी है.
अपनी शिक्षा और साफ़ सुथरी राजनैतिक छवि के कारण द्रौपदी मुर्मू को बीजेपी के आलाकमान नेताओं से हमेशा अच्छे और महत्त्वपूर्ण पदों के लिए वरीयता मिलती रही है. वह बीजेपी के सामाजिक जनजाति (सोशल ट्राइब) मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य के तौर पर काम करती रहीं और 2015 में उनको झारखण्ड का राज्यपाल बना दिया गया.
राष्ट्रपति पद के लिए बीजेपी में सबसे पहले पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी का नाम आया था. उनके उम्मीदवार बनने पर भी विपक्ष के कई बड़े दल विरोध नहीं करते. बाबरी विध्वंस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी और लालकृष्ण आडवाणी सहित 13 नेताओं के खिलाफ आपराधिक साजिश का मुकदमा चलाये जाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद द्रौपदी मुर्मू की दावेदारी मजबूत हुई है. इससे पहले मुरली मनोहर जोशी और आडवाणी इस पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे. महिला और अच्छी छवि के चलते विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी दौड़ में हैं. लेकिन सेहत के हवाले से उनकी दावेदारी कमजोर की जा रही है. दलित और दक्षिण के नाम पर केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू भी दौड़ में हैं. उनके नाम पर विपक्ष की सहमति बन पाएगी, इस पर भाजपा को ही संदेह है. इन परिस्थितियों में द्रौपदी मुर्मू की दावेदारी अधिक मजबूत और तार्किक बताई जा रही है.
वर्तमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल इस वर्ष जुलाई में पूरा हो रहा है. इसी माह नये राष्ट्रपति के लिए चुनाव होगा.