सलाखों में शशिकला: खाट तक नहीं मिली पहली रात, खाने को मिली दो रोटी

बेंगलुरु/ चेन्नई(हलचल नैटवर्क)
अन्नाद्रमुक की महासचिव शशिकला ने तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का सपना देखा, लेकिन वक्त का फेर देखिए उन्हें सीएम की कुर्सी की जगह जेल की कोठरी नसीब हुई.आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शशिकला सजा भुगतने के लिए बुधवार को बेंगलुरू जेल पहुंची. चेन्नई से कारों के एक काफिले के साथ बेंगलुरु के केंद्रीय कारागार पहुंचने के तुरंत बाद 59 साल की शशिकला को महिला सेल में बंद कर दिया गया.
शान-ओ-शौकत से जीवन व्यतित करने वालीं शशिकला अब जेल की चारदीवारी के पीछे रहेंगी. मुख्यमंत्री के पद पर बैठने की चाहत रखने वालीं शशिकला अब जेल में मोमबत्ती बनाने का काम करेंगी. आय से अधिक संपत्ति के केस में सलाखों के पीछे पहुंची शशिकला की जेल में पहली रात कैसी गुजरी यह बहुत से लोग जानना चाहते हैं.
आपको बता दें कि शशिकला नटराजन बेंगलुरु सेंट्रल जेल की कैदी नंबर 9234 बन गई हैं. चेन्नई के पोएस गार्डन में आराम का जीवन जीने वालीं शशिकला सरेंडर करने के बाद सेंट्रल जेल पहुंचीं.सूत्रों के अनुसार, जेल परिसर में प्रवेश से पहले शशिकला पति नटराजन के गले लग कर रोईं. जेल में शशिकला को सेल नंबर दो में जगह दी गई है. जेल सूत्रों के मुताबिक, शशिकला को बिस्तर के नाम पर खाट भी नहीं दी गई और जेल में उनकी पहली रात जमीन पर ही बीती.खाने की बात करें तो शशिकला को दो रोटी दी गई, साथ में एक कप चावल और सांभर दिया गया. बटर मिल्क भी उन्हें उपलब्ध कराया गया. शशिकला जेल में मोमबत्तियां बनाने का काम करेंगी जिसके एवज में उन्हें रोज 50 रुपये मिलेंगे. शशिकला जिस बैरक में रहेंगी उसमें दो और कैदी भी रहेंगी.
यहां उल्लेख कर दें कि शशिकला दूसरी बार जेल में हैं. आय से अधिक संपत्ति के मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने शशिकला को चार साल की सजा सुनाई थी जिसके बाद मुख्‍यमंत्री बनने का उनका सपना चकनाचूर हो गया.
शशिकला के वकील ने कहा कि वे अब सजा के खिलाफ अपील नहीं करेंगी. वे पूरी सजा काटेंगी और फिर राजनीति में लौटेंगी.