
नयी दिल्ली(हलचल नेटवर्क)
घाटी में सेना की ओर से पत्थरबाजों के खिलाफ इस्तेमाल की जाने वाली पैलेट गन पर रोक लगाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कश्मीर में हिंसा खत्म होने की गारंटी के बिना पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक नहीं लगायी जा सकती. शीर्ष अदालत ने जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन से घाटी में होने वाली पत्थरबाजी और हिंसक प्रदर्शन जैसी समस्या का हल निकालने के लिए कश्मीर के लोगों और अन्य हितधारकों से बातचीत कर सुझाव देने को कहा है.सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन से कहा है कि वह दो हफ्ते के लिए सुरक्षा बलों को पैलेट गन के इस्तेमाल करने पर पाबंदी लगा सकता है, लेकिन शर्त यह है कि आप शपथ दीजिए कि वहां पत्थरबाजी नहीं होगी.
वहीं, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को साफ लहजे में बता दिया है कि वह कश्मीर मसले पर अलगाववादियों या ‘आजादी’ मांगने वालों से वार्ता नहीं कर सकती. सरकार ने शुक्रवार को कहा कि वह केवल संविधान में विश्वास रखने वाले राजनीतिक दलों और मान्यता प्राप्त प्रतिनिधियों से ही बातचीत करेगी. सरकार ने यह भी साफ किया कि सीमावर्ती राज्य होने के कारण जम्मू-कश्मीर से सुरक्षा बलों को नहीं हटाया जा सकता.
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