प्रभु की प्राप्ति के दो साधन धैर्य व प्रतीक्षा : श्री श्री 108 स्वामी सिकंदर जी महाराज
जालंधर(विनोद मरवाहा) भगवान की प्राप्ति के दो साधन हैं, पहला धैर्य व दूसरा प्रतीक्षा। भगवान की कृपा केवल संतों के आशीर्वाद और उनके साथ से मिलती है। यह आशीर्वचन अखिल…












