हवन यज्ञ में भाग लेने से घुल जाते हैं शरीर और मन के कष्ट : श्री – श्री 108 स्वामी सिकंदर जी महाराज
जालंधर(हेमंत मरवाहा) शरीर की दुख-तकलीफ, वृद्धावस्था और सांसारिक मोह-माया के जंजाल से बनी मानसिक चिंताएं हवन यज्ञ में भाग लेने से धुएं की तरह विलीन हो जाती हैं। यह आशीर्वचन…












